क्षेत्र के सोंगर गांव में दो दिन से ससुराल में रहने की जिद पर अड़ी महिला बृहस्पतिवार को देर शाम पुलिस तथा गांव के लोगों के समझाने पर मान गई। 20 दिन के अंदर पति के मुंबई से आने तक महिला मायके में रहने को राजी हो गई। सुलहनामे के बाद महिला मायके वापस चली गई।
तीन वर्ष पहले सोंगर गांव निवासी अरुण की शादी सरायख्वाजा क्षेत्र के धौरइल गांव निवासी पूनम के साथ हुई थी। शादी के बाद ही पति-पत्नी के बीच संबंध बिगड़ गए। पति ने साथ न रहने का निर्णय लिया तो मामला कोर्ट तक पहुंच गया। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। पत्नी अपने मायके रहने लगी। रोजी रोटी के सिलसिले में अरुण मुंबई रहता है। 23 अक्तूबर को महिला ससुराल में रहने के लिए आ धमकी और घर में रहने की जिद पर अड़ गई। ससुराल वालों ने उसे घर में घुसने से मना कर दिया। महिला की जिद पर ससुराल के लोगों को पुलिस की मदद लेनी पड़ी। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को समझाया। गांव के संभ्रांत लोगों के सामने एक सुलहनामा लिखा गया। जिसमें कहा गया कि मुंबई से पति अरुण के आने तक पत्नी को मायके में रहना पड़ेगा। पति के आने पर ही मामले का निपटारा हो पाएगा। इसके लिए 20 दिन का समय दिया गया है। दिए गए समय के अंदर यदि महिला का पति मुंबई से वापस नहीं आता है तो महिला अपने ससुराल में आ कर रहेगी।
प्रभारी निरीक्षक दीपेन्द्र सिंह ने बताया कि महिला को समझा बुझाकर वापस उसके मायके भेज दिया गया है। मामले के निस्तारण के लिए महिला के पति को मुंबई से बुलाया गया है।