फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jaunpur News: बच्चेदानी के आपरेशन के बाद विवाहिता की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

विज्ञापन
शाहगंज- ऑपरेशन के 10 घंटे बाद विवाहिता की मौत, अस्पताल में हंगामा। स्रोत-संवाद
विज्ञापन
शाहगंज (जौनपुर)। क्षेत्र के बाबू का पुरवा (बड़ा गांव) स्थित एक निजी अस्पताल में बच्चेदानी के आपरेशन के बाद एक विवाहिता की शनिवार को मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया। पुलिस ने पूछताछ के लिए संबंधित चिकित्सक को हिरासत में ले लिया है। दिपाईपुर गांव निवासी यशपाल की 35 वर्षीय पत्नी रेखा देवी को बच्चेदानी के आपरेशन के लिए शुक्रवार को बड़ागांव स्थित मां शांति अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक शाम करीब पांच बजे चिकित्सकों ने उनका आपरेशन किया। इसके कुछ देर बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार के लोगों का आरोप है कि हालत गंभीर होने के बावजूद अस्पताल में उस समय कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। स्टाफ ने फोन पर डाॅक्टर से संपर्क कर एक इंजेक्शन लगाया लेकिन महिला की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। देर रात करीब तीन बजे उनकी मौत हो गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सभी जांच रिपोर्ट आने से पहले ही जल्दबाजी में आपरेशन कर दिया गया था। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। सूचना पर एसडीएम कुणाल गौरव, तहसीलदार आशीष कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी अजीत सिंह चौहान और कोतवाली प्रभारी किरन कुमार सिंह समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। मृतका के परिजनों ने संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। क्षेत्राधिकारी अजीत सिंह चौहान ने बताया कि संबंधित चिकित्सक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतका के पति खाड़ी देश में नौकरी करते हैं। अस्पताल के चिकित्सक सर्जन डाॅ. हरेंद्र सिंह ने बताया कि हमारे ऊपर लगाया गया आरोप निराधार है। सच्चाई की जांच की जाए। रेखा देवी की मौत के बाद परिवार में मातम पसर गया। उनकी बड़ी बेटी 14 वर्षीय प्रतिज्ञा और छोटी बेटी आठ वर्षीय आराध्या के सिर से मां का साया उठ गया। दोनों बेटियां घटना के बाद से गुमसुम हैं और बार-बार मां को याद कर रो पड़ती हैं। परिवार की भतीजी रिंका ने आरोप लगाया कि अगर समय रहते चिकित्सक अस्पताल पहुंच जाते तो चाची रेखा देवी की जान बचाई जा सकती थी। गांव के लोगों का भी कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें