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चार वर्षों में इस बार सर्वाधिक गर्म रहा 31 मार्च

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जौनपुर। मार्च महीने का अंतिम दिन बुधवार को मौसम काफी तल्ख रहा। पिछले चार वर्षों के सापेक्ष इस बार 31 मार्च को तापमान सर्वाधिक 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया। तीखी धूप और गर्म हवा के थपेड़ों से लोग बेहाल रहे। गर्मी से राहत के लिए हर पांच से दस मिनट पर लोग गला तर करते नजर आए। खीरा, ककड़ी और ठंडे पेय पदार्थों की भी खूब मांग रही। मार्च में ही मौसम के इस तेवर से लोगों में अप्रैल-मई की गर्मी को लेकर चिंता बनी हुई है। इससे निजात पाने के लिए वह तरीके ढूंढने में जुट गए हैं।
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आमतौर पर इस मौसम में तापमान 32 से 35 डिग्री के बीच रहता है। इस बार लगातार तापमान 35 से ऊपर बना हुआ है। मार्च के अंतिम दिन यह 40 डिग्री के आंकड़े को भी पार कर गया। मौसम विशेषज्ञ इसे ग्लोबल वार्मिंग का असर बता रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के मौसम वैज्ञानिक पंकज जायसवाल ने बताया कि वातावरण में कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ने पर गर्मी बढ़ती है। इससे निजात के लिए हरियाली का दायरा बढ़ाने और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की जरूरत है। सीएनजी से संचालित वाहन ग्लोबल वार्मिंग रोकने में उपयोगी हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारत मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अगले पांच दिनों में तापमान 38 से 41 के बीच रह सकता है। हवा की गति भी 10 से 19 किमी प्रति घंटा पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर रहेगी।
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