कोतवाली क्षेत्र के बीबीगंज के पास शुक्रवार को चलती कार में विद्यालय प्रबंधक अशोक मिश्र की हत्या का पुलिस ने शनिवार को पर्दाफाश कर दिया। पुलिस के मुताबिक विद्यालय में नियुक्ति के लिए रुपये के लेनदेन के विवाद में हत्या की गई है। हत्या में शामिल फरार चार आरोपियों की पहचान कर ली गई है।
मृतक के पुत्र पंकज मिश्रा की तहरीर पर सात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पकड़े गए कार चालक और दो अन्य लोग जो खुद को निर्दोष बता रहे थे, वे भी घटना में शामिल हैं। तीनों का पुलिस ने चालान कर दिया।
पकड़े गए तीनों लोगों से रात में पुलिस ने पूछताछ की तो घटना का पर्दाफाश हुआ। शाहगंज कोतवाली प्रभारी आरके अग्निहोत्री ने बताया कि हत्या में शामिल जो चार लोग फरार हैं, वे सभी बक्शा थाना क्षेत्र के चितौड़ी गांव के निवासी हैं। बक्शा थाना क्षेत्र के चितौड़ी गांव निवासी बृजेश पांडेय, सुशील पांडेय, अमित सिंह, प्रदीप सिंह भी उसी कार में सवार थे।
साइकल सवार छात्रा से कार के टकराने के बाद जब ग्रामीणों ने चालक और दो अन्य लोगों को पीटना शुरू किया तो अन्य चार भाग निकले। अंबेडकर नगर जिले के बंदीपुर नेवादा गांव निवासी एवं विद्यालय के प्रबंधक अशोक मिश्रा को इन सभी ने नौकरी के लिए पैसे दिए थे। नौकरी नहीं मिली और प्रबंधक ने पैसे लौटाने में आनाकानी की तो सभी ने हत्या की साजिश रच डाली।
इन आरोपियों ने मार्कशीट देने के लिए प्रबंधक को सुरुहुरपुर बाजार में बुलवाया था। वहां से सभी एक साथ कार में सवार हुए और आगे जाने के बाद कार में गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक मृतक को गोली नहीं लगी है। सिर पर जो चोट के निशान है। नुकीली अंगूठी से चोट पहुंचाई गई है।