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Jaunpur News: पं. रामसुंदर के व्यक्तित्व से प्रभावित थे महात्मा गांधी, सत्याग्रह के लिए गए जेल

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अनिल कुमार पांडेय बरईपार। स्वतंत्रता आंदोलन में सुजानगंज की धरती से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले स्वतंत्रता सेनानी पं. रामसुंदर के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। सत्याग्रह से लेकर विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार तक उन्होंने आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अंग्रेजी शासन ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा लेकिन तमाम प्रतिबंध और कठिनाइयां भी उनके हौसले को डिगा नहीं सकीं। पं. रामसुंदर का जन्म सुजानगंज थाना क्षेत्र के इटहा गांव में वर्ष 1875 में हुआ था। उनके घर का नाम जटाशंकर था।
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दक्षिण अफ्रीका प्रवास के दौरान उन्हें ‘रामसुंदर पंडित’ के नाम से पहचान मिली। उनके पिता कामता प्रसाद पाठक सामान्य किसान थे। आजीविका की तलाश में रामसुंदर वर्ष 1900 के आसपास दक्षिण अफ्रीका गए थे। दक्षिण अफ्रीका में रहते हुए उनके व्यक्तित्व और विचारों से महात्मा गांधी भी प्रभावित हुए। बताया जाता है कि वहां भारतीयों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार और भेदभाव के खिलाफ जब सत्याग्रह की शुरुआत हुई तो रामसुंदर उसमें सक्रिय रूप से शामिल हुए। 11 नवंबर 1907 को सत्याग्रह के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया।
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जेल में उन्हें महात्मा गांधी से उच्च श्रेणी की सुविधा मिलने का उल्लेख है। (संवाद)
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