तिलकधारी सिंह महाविद्यालय परिसर स्थित महाराणा प्रताप व्यायामशाला में मंगलवार को राजपूत सेवा समिति के तत्वावधान में महाराणा प्रताप की जयंती पर समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों ने उनकी वीरता, पराक्रम व शौर्य को याद किया। उनके जीवन गाथा पर चर्चा करती लघु फिल्म भी दिखाई गई।
मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप त्याग, समर्पण व वीरता के प्रतीक हैं। वह भारतीय इतिहास के वैसे वीर सपूत हैं, जिनकी प्रेरणा से आज भी युवा पीढ़ी प्रोत्साहित होती है। उन्होंने कभी उसूलों से समझौता नहीं किया। उनके त्याग, समर्पण व वीरता को कभी नहीं भुलाया जा सकता। विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह प्रिंसू ने कहा कि महाराणा प्रताप सच्चे राष्ट्रभक्त थे। उन्होंने परिस्थितियों से समझौता न कर मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। विशिष्ट अतिथि सिंगरामऊ स्टेट के कुंवर जयसिंह बाबा ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए महाराणा प्रताप ने संघर्ष करते हुए अपने प्राण त्याग दिए। जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन व पूर्व मंत्री कुंवर वीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप ने जीवन में कभी किसी से हार नहीं मानी। स्वाभिमान से जीवनयापन किया। ओमप्रकाश सिंह ने जनपद में शीघ्र ही महाराणा प्रताप की भव्य मूर्ति स्थापित कराने को लेकर प्रतिबद्धता जताई। इस कार्य में समिति के लोगों ने हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। प्रख्यात गायक रविंद्र सिंह ज्योति ने गीत सुनाकर रोमांचित कर दिया।
इस मौके पर अधिवक्ता दुष्यंत सिंह, धुरंधर सिंह, रत्नाकर सिंह, अजीत सिंह, रविंद्र प्रताप सिंह, प्रमुख द्वय विनय सिंह, वीरेंद्र सिंह, प्रधान विनय सिंह, सिद्धार्थ सिंह, अमर बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह व संचालन अजय कुमार सिंह ने किया। आभार दिनेश सिंह ने व्यक्त किया।