जौनपुर में नाथ संप्रदाय से जुड़े शहर के प्राचीन बारीनाथ मठ के महंत योगी देवनाथ (79) का गुरुवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से किडनी की बीमारी से ग्रसित थे। सांस लेने में तकलीफ पर उन्हें प्रयागराज ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। निधन की खबर मिलते ही लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। देर शाम पार्थिव शरीर उनकी इच्छानुसार मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के ग्राम सलैया के लिए ले जाया गया।
शहर के उर्दू बाजार में बाबा बारीनाथ का प्राचीन मठ है। गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ के अधीन मठ का संचालन होता है। मठ के पीठाधीश्वर योगी देवनाथ लंबे समय से किडनी की बीमारी से ग्रसित थे। उनकी नियमित डायलिसिस चल रही थी।
अचानक सांस लेने में तकलीफ होने पर निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने प्रयागराज मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। प्रयागराज ले जाते समय मछलीशहर के समीप उनकी सांस थम गई। शव को वापस मठ लाया गया। निधन की खबर मिलते ही लोगों में शोक छा गया। नाथ संप्रदाय से जुड़े गोरक्षपीठ व वाराणसी के आश्रम में सूचना दी गई।
पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह, टीडी कॉलेज के प्रबंधक अशोक सिंह, नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन दिनेश टंडन, कर्मचारी नेता राकेश श्रीवास्तव, श्याम मोहन अग्रवाल, जेब्रा फाउंडेशन के संजय सेठ, राजीव सेठ, गणेश साहू आदि ने मठ पहुंचकर अंतिम दर्शन किए। योगी देवनाथ की इच्छानुसार देर शाम अंतिम संस्कार के लिए उनके पार्थिव देह को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के देवनाथपुर स्थित सलैया गांव ले जाया गया।