जौनपुर। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ने गैस कंपनियों पर समझौते और नियमों के विपरीत वितरकों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। एसोसिएशन ने डीएम को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने और कंपनियों की कार्यप्रणाली की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के गैस एजेंसी संचालक मिथिलेश सिंह, विनय तिवारी और संजय कन्नौजिया का आरोप है कि समझौते में प्रावधान नहीं होने के बावजूद कंपनियां वितरकों पर पांच किलोग्राम के फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलिंडरों की बिक्री का दबाव बना रही हैं। एसोसिएशन ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि कंपनियां वितरकों को चूल्हा, रबर पाइप, लाइटर, रेगुलेटर, पानी की बोतल समेत अन्य उत्पाद बेचने के लिए भी बाध्य कर रही हैं। इसके लिए दबाव बनाने और वितरकों के खातों से धनराशि काटने पर आपत्ति जताई गई है। एसोसिएशन ने इसे अनुचित बताते हुए संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की है। पत्र में 14.2 किलोग्राम के घरेलू और 19 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलिंडरों की बिक्री पर भी चिंता जताई गई है। एसोसिएशन का कहना है कि बाजार की मांग के अनुरूप आपूर्ति और बिक्री होनी चाहिए। निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के लिए दबाव बनाने से वितरकों को आर्थिक और मानसिक परेशानी होती है।