इससे क्षुब्ध होकर दोनों ने जहर खाकर जान देने का फैसला कर लिया। शनिवार रात दोनों गांव के प्राइमरी स्कूल के पीछे पहुंचे। दोनों ने साथ में विषाक्त पदार्थ का सेवन किया। फिर दोनों ने अपने- अपने हाथ की नस काट ली। रात 12 बजे लड़की की मां की नींद खुली। बिस्तर पर बेटी को नहीं देख तलाश करने लगी। घर के किसी भी कमरे में वो नहीं मिली मां ने अन्य परिजनों को जगाया।
सभी लोग उसकी तलाश में जुट गए। इसी बीच लड़की बदहवास और लहूलुहान हालत में खुद घर पहुंची। जिसे देखकर परिजन घबरा गए। परिजनों के पैरों तले से जमीन तब खिसक गई जब लड़की ने जहर खाने की बात कही और लड़खड़ाती आवाज में पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
जिसके बाद लड़की के परिजन भागकर प्राइमरी स्कूल पहुंचे। वहां लड़का बेहोशी की हालत में मिला। लड़के के परिजनों को फोन कर बुलाया गया। आननफानन दोनों को स्थानीय सीएचसी लाया गया। जहां हालत गंभीर होने पर रात में ही दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इधर, इस घटना को लेकर गांव में चर्चाओं का दौर तेज है। गांव के लोग दोनों की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।