जौनपुर। विगत 15 दिनों से अस्वस्थ चल रहे भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं देवी सुभद्रा के स्वास्थ्य की डाक्टरों ने की जांच की। 26 जून को भगवान जगन्नाथ को परवल के जूस का भोग अर्पित किया जाएगा। 27 जून को खिचड़ी प्रसाद के भोग के बाद भगवान रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को अधिक स्नान करने के कारण भगवान श्री जगन्नाथ जी, श्री बलभद्र जी एवं देवी सुभद्रा जी आषाढ़ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से आषाढ़ कृष्ण पक्ष की अमावस्या तक ज्वार पीड़ा से ग्रसित हो गए। 15 दोनों में प्रभु को भोग में विभिन्न औषधीय से युक्त काढ़े का भोग अर्पण किया गया। आम जनमानस के लिए प्रभु का दर्शन प्रतिबंधित रहा। बुधवार को सुबह आचार्य डा. रजनीकांत द्विवेदी की देखरेख में वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर क्षितिज शर्मा, डॉक्टर एमएम वर्मा, डॉक्टर नीलेश श्रीवास्तव, डॉक्टर पंखुड़ी श्रीवास्तव एवं डॉक्टर शैलेश कुमार सिंह ने परंपरा के अनुसार भगवान का स्वास्थ्य परीक्षण किया। 26 जून को भगवान श्री जगन्नाथ को परवल के जूस का भोग अर्पित किया जाएगा। 27 जून को खिचड़ी प्रसाद का भोग अर्पित किया जाए। भोग लगने के बाद भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र जी एवं देवी सुभद्रा के साथ रथारूढ़ होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। नगर के भक्तों को दर्शन देंगे। इसे हम सभी रथ यात्रा महोत्सव के नाम से जानते हैं। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान रथ यात्रा समिति के अध्यक्ष शशांक सिंह रानू , कोषाध्यक्ष शिव शंकर साहू, महामंत्री राजेश गुप्ता, संजय गुप्ता ,संतोष गुप्ता, दयाशंकर निगम, योगेश भाटिया ,दिनेश प्रकाश कपूर, मनोज मिश्रा, जग्गू सेठ व मंदिर से जुड़े पदाधिकारी एवं सदस्यों उपस्थिति रहे।