कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एडीएम कार्यालय के बाहर शनिवार को लंबी लाइन देखी गई। यह उन लोगों की लाइन थी जिनका पैसा रियल स्टेट, म्यूचुअल फंड व अन्य कंपनियों में फंसा है। प्रशासन की तरफ से ऐसे पीड़ितों का आवेदन लिया जा रहा है।
पहले ही दिन 358 लोगों ने आवेदन किया। इन विभिन्न कंपनियों में किसी का दो लाख तो किसी का दस लाख रुपये इन कंपनियों में जमा है जो कई वर्षों से किसी भी तरीके से वापस होता नहीं दिख रहा है। इन आवेदनकर्ताओं का आवेदन लेने के बाद प्रशासन यह आकलन करके शासन स्तर पर भेजेगा कि जिले में ऐसे मामलों के कितने पीड़ित है और उनकी कितनी धनराशि जमा है जो नहीं मिल रही है। इसमें एक प्रारूप पर सभी विवरण लिखकर, अभिलेखों के साथ दो सेट में मांगा गया है। इसमें पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो कापी, बांड की फोटो कापी, बैंक पासबुक की फोटो कॉपी लगानी हो रही है। शासन से आदेश मिलने के बाद जिले में इसके लिए आवेदन लिए गए है। इस संबंध में एडीएम राम अछयवर चौहान ने कहा कि फिलहाल आवेदन कलेक्ट्रेट में मेरे कार्यालय में लिए जा रहे है। भीड़ बढ़ने पर तहसीलों में भी व्यवस्था कराई जाएगी। शासन का जैसा आदेश आएगा उसी क्रम में आगे की कार्रवाई की जाएगी।