करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने विधि शिक्षा (एलएलबी) के क्षेत्र में शैक्षणिक अनुशासन को सख्ती से लागू करते हुए एक अहम निर्णय लिया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने एलएलबी पाठ्यक्रम में अध्ययनरत छात्रों के लिए निर्देश जारी किया है कि जिन छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता पाई जाएगी या उनके ऊपर कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा। उन्हें एलएलबी पाठ्यक्रम की डिग्री या अंकपत्र प्रदान नहीं किया जाएगा। इसके लिए पढ़ने वाले छात्रों से शपथपत्र लिया जाएगा। पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने एलएलबी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले सभी छात्रों के लिए यह अनिवार्य कर दिया है कि वे एफिडेविट (शपथ पत्र) के माध्यम से स्वयं के आपराधिक इतिहास की जानकारी दें। यदि किसी छात्र ने प्रवेश के समय आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई और बाद में शिकायत या जांच में यह तथ्य उजागर होता है, तो उसकी डिग्री को निरस्त कर दिया जाएगा। यह कदम विश्वविद्यालय द्वारा बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है।यह निर्णय केवल विश्वविद्यालय परिसर में संचालित पाठ्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह जौनपुर और गाजीपुर जिले के अंतर्गत आने वाले सभी संबद्ध महाविद्यालयों में चल रहे एलएलबी पाठ्यक्रमों पर भी समान रूप से लागू होगा।