जौनपुर। मछलीशहर थाना क्षेत्र में करीब 18 साल पहले हुई एक व्यक्ति की हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर न्यायालय ने बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाया। यह आदेश जनपद न्यायाधीश वाणी रंजन अग्रवाल की अदालत से हुआ। दोषी प्यारेलाल को उम्रकैद के साथ ही दस हजार रुपये के अर्थदंड की भी सजा हुई है।
घटना की प्राथमिकी बलिराज पटेल निवासी ग्राम भरहूपुर ने थाना मछलीशहर में दर्ज कराई थी। अभियोजन के अनुसार 26 मार्च 2005 को साढ़े छह बजे शाम फक्कू वादी के दरवाजे पर बाजा बजा रहा था। वहां मौजूद प्यारेलाल बिंद ने यह कहते हुए उसका बाजा ले लिया कि वह अच्छा नहीं बजा रहा है। गांव के मकबूल ने प्यारेलाल से बाजा वापस करने को कहा तो दोनों में हाथापाई हो गई। गांव वालों ने बीच-बचाव किया। करीब साढ़े सात बजे शाम मकबूल व रामकरन बाइक से मछलीशहर से वापस घर जा रहे थे। तब प्यारेलाल बिंद व उसका भाई साहब लाल, राजबली यादव के पाही के पास चारपाई लगाकर रास्ता रोक दिए व एकाएक लाठी डंडा व ईंट से मारने लगे। रामकरन बाइक से कूदकर भाग गया परंतु मकबूल को प्यारेलाल व साहब लाल ने गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए लाठी डंडा व ईंट से बुरी तरह से मारा, जिससे वह बेहोश हो गया। घटना को पप्पू, रामकरन व तमाम लोगों ने देखा व बीच-बचाव किया। इस दौरान इलाज के दौरान 26 मार्च 2005 को मकबूल की मृत्यु हो गई। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। डीजीसी फौजदारी सतीश कुमार पांडेय ने कोर्ट में गवाहों का बयान अंकित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्यारेलाल को हत्या के जुर्म में दोषी पाते हुए सजा सुनाया। कोर्ट ने साहबलाल को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।