जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र प्रताप यादव ने दहेज के लिए विवाहिता की हत्या के दोषी पति व सास को उम्र कैद की सजा सुनाई। 35-35 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। यह मामला मुंगराबादशाहपुर थानाक्षेत्र के सकरा गांव की है।
विवाहिता के भाई विश्वजीत सिंह निवासी भदोही ने थाना मुंगराबादशाहपुर में केस दर्ज कराया था। इसके अनुसार, उसकी बहन पूजा की शादी 12 मई 2007 को भानु प्रताप सिंह के साथ हुई थी। विवाह में काफी उपहार दिए गए थे। पूजा के ससुर इसके बाद भी एक लाख रुपये व मोटरसाइकिल की मांग करने लगा। इस पर 51,000 रुपये दिए थे। आरोप है कि भानु प्रताप, सास रानी सिंह व अन्य ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर पूजा को प्रताड़ित करते थे। इसी बीच, पूजा को एक बेटा पैदा हुआ। 15 मई 2015 को करीब 10 बजे ग्राम सकरा के जालिम सिंह ने फोन कर बताया कि पूजा को ससुराल वालों मारकर रस्सी से बांधकर कुएं में डाल दिया है। पुलिस ने शव को कुएं से निकाला। इसके बाद पोस्टमार्टम कराया। परिवार वालों ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शव की शिनाख्त की। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। सरकारी वकील प्रदीप कुमार व आशीष कुमार सिंह ने कोर्ट में गवाहों का बयान दर्ज कराया। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर पति व सास को दहेज उत्पीड़न, हत्या एवं साक्ष्य छिपाने का दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई।