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निलंबन और एफआईआर के बाद भी डटे हैं लेखपाल

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2- कलेक्ट्रेट में अपनी मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन करते लेखपाल संघ के लोग। - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। सर्विस इन ब्रेक की कार्रवाई और निलंबन के बावजूद लेखपालों के रुख पर कोई असर नहीं है। जिले के लेखपाल शुक्रवार को भी धरने पर डटे रहे। कलेक्ट्रेट परिसर में धरनारत लेखपालों ने मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होती, वह टस से मस नहीं होंगे, प्रशासन चाहे कोई भी कार्रवाई कर ले।
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पेंशन-एसीपी में विसंगति, वेतन वृद्धि, पदोन्नति, बाइक भत्ता सहित आठ सूत्री मांगों को लेकर लेखपाल पूर्ण कार्य बहिष्कार कर धरना दे रहे हैं। शासन ने एस्मा लगाकर उनके आंदोलन को अवैध घोषित कर दिया है। लेखपालों से लगातार काम पर लौटने की अपील की जा रही है। हड़ताल में शामिल 20 लेखपालों को जिले में निलंबित किया जा चुका है, जबकि अन्य के विरुद्ध नो वर्क-नो पे के तहत सर्विस इन ब्रेक की कार्रवाई की गई है। बावजूद लेखपाल हड़ताल खत्म करने को राजी नहीं हैं। शुक्रवार को धरने में वक्ताओं ने कहा कि मांगों को पूरा करने का कई बार आश्वासन मिल चुका है। इस बार आरपार की लड़ाई होगी। शासन-प्रशासन अपने सारे हथकंडे अपना ले, लेखपालों का हौसला नहीं टूटेगा। धरने में जिलाध्यक्ष संजय कुमार, जयशंकर यादव, दिनेश यादव, राजवीर सिंह, अभिलाष यादव, अजय पांडेय, सुशील श्रीवास्तव, गिरजाशंकर, सत्यप्रकाश, गोविंद सिंह, आशाराम, अविनाश विश्वकर्मा, सूर्यकांत, परमानंद मिश्रा आदि लेखपाल मौजूद रहे।
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