तहसीलदार से गाली गलौज करने के मामले में गिरफ्तार इंद्रजीत यादव। पुलिस विभाग
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शाहगंज। शाहगंज तहसील में बृहस्पतिवार को नामांतरण के एक मामले में फैसला सुनाए जाने के लिए तहसीलदार और अधिवक्ता के बीच विवाद हो गया। तहसीलदार सुलखा वर्मा के चेंबर में हुई कहासुनी के बाद मामला कोतवाली पहुंच गया। तहसीलदार की तहरीर पर पुलिस ने अधिवक्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वहीं, अधिवक्ता ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए नामांतरण के फैसले को नियमविरुद्ध बताया है।
बृहस्पतिवार की सुबह 11 बजे तहसीलदार सुलखा वर्मा कार्यालय में बैठी थीं। इसी दौरान सरपतहा थाना क्षेत्र के घुघरी सुल्तानपुर गांव निवासी अधिवक्ता इंद्रजीत यादव उनके चेंबर में पहुंचे। बताया जाता है कि नैंसी बनाम विद्या नामक नामांतरण मामले में पारित आदेश पर अधिवक्ता ने आपत्ति जताई। आदेश को नियमों के विपरीत बताते हुए उन्होंने सवाल उठाए, इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। चेंबर में विवाद बढ़ने पर मौके पर मौजूद अन्य अधिवक्ताओं ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इसके बाद तहसीलदार ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी।
इसमें अधिवक्ता पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, पत्रावली से छेड़छाड़ करने, दुर्व्यवहार करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। अधिवक्ता इंद्रजीत यादव ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि नामांतरण के मामले में नियमों के विपरीत फैसला सुनाया गया था। उन्होंने इसके विरोध में आपत्ति जताई थी। प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि तहसीलदार की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर घुघरी सुल्तानपुर निवासी इंद्रजीत यादव को गिरफ्तार किया गया है। संवाद