गुरु पूर्णिमा का पर्व रविवार को पूरे श्रद्धा के साथ मनाया गया। गुरु की पूजा कर लोगों ने आशीर्वाद लिया। शहर के बारीनाथ मठ मंदिर, शीतला चौकिया धाम, बाबा बालक दास कुटी में गुरु की पूजा के लिए लोगों की भीड़ रही। सुबह से शुरू हुआ पूजा का सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। कलेक्ट्रेट स्थित भगवान गुरुपद संभव राम आश्रम पर सुबह भक्तों ने मत्था टेका।
नगर के ऊर्दू बाजार में स्थिति बाबा बारीनाथ मठ परिसर में श्रीनाथ योग प्रचार समिति के तत्वाधान में जन संत योगी देवनाथ की दूर-दूर से आए उनके भक्तों ने पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद लिया। साथ उनके दीर्घायु होने की कामना की। अपने गुरू का आशीर्वाद लेने के लिए राजस्थान, मध्य प्रदेश, इदौर, कोटा, भोपाल, जयपुर, मुंबई और उत्तर प्रदेश के कई जिलों से भक्त मंदिर परिसर में पहुंचकर मत्था टेका। जनसंत योगी देवनाथ ने कहा कि गुरू पूर्णिमा के दिन गुरू का दर्शन करने से ही सारी समस्याओं को समाधान हो जाता है। इस मौके पर श्रीनाथ योग प्रचार समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव, जवाहर लाल मौर्य, पंकज, रवि, नीरज, ममता, किरन श्रीवास्तव, विमल सिंह, माधुरी गुप्ता, मिलन श्रीवास्तव, राधारानी, प्रीति ने गुरू से आशीर्वाद लिया।
शीलता धाम चौकिया धाम में गुरु पूर्णिंमा का पर्व धूम धाम से मनाया गया। पंडित सीता राम राम शरण महराज के शिष्यों ने उनका पांव पखार कर आशीर्वाद लिया। जौनपुर, प्रतापगढ़, आजमगढ़, गाजीपुर, बिहार से तमाम शिष्य दर्शन पूजन के लिए पहुंचे। इस मौके पर गोपाल साहू, कृपाशंकर पाठक, कांता यादव, आशीष माली, लल्लू बाबा, अविनाश राय, गणेश साहू, बेबी साहू, सुरेंद्र गिरी, सुरेंद्र प्रताप, बनारसी, शिव मोदनवाल, संचालन प्रमोद मोदनवाल व कृपाशंकर पाठक ने किया। गायत्री शक्तिपीठ की ओर से लाइन बाजार स्थित मंदिर में गुरू पूजा दिवस मनाया गया। दुरू श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी शर्मा की पूजा भक्तों ने की। राजेश शास्त्री ने संगीत मय गीत प्रस्तुत किया। इस मौके पर विश्वनाथ सिंंह, श्याम नारायण पांडेय, शिव शंकर सिंह, शैलेष सिंह आदि मौजूद थे।
बक्शा: पूज्य देवरहा बालक बाबा महाराज के हैदरपुर स्थित आश्रम पर गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर भारी संख्या में पहुंचे भक्तो ने गुरु बालक बाबा के दर्शन पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया। दोपहर में वाराणसी से पधारे ब्राहमण बालकों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच दर्शन हेतु मंच पर पहुंचे बालक बाबा की एक झलक पाने को भक्त ब्याकुल दिखे। आरती पूजन पश्चात बालक बाबा ने कहा कि समस्त जीवों पर दया करने से भगवान शीघ्र ही प्रसन्न होते है। सभी योनियों में मनुष्य योनि ही सर्वश्रेष्ठ मानी गयी है। जीव के बंधन की नाश भगवद भक्ति से होती है। लोक कल्याण हेतु मनुष्य को गो, ब्राहमण, व दीन दुखियों की सेवा अवश्य करनी चाहिए। देवरहा बाबा के शिष्य बालक बाबा ने कहा कि सन्तों की कोई जाति नहीं होती है। सन्त महात्मा विभिन्न तीर्थ स्थलों का भ्रमण कर पुष्य लाभ अर्जित करते है। बालक बाबा के प्रतिनिधि मार्कण्डेय सिंह मुन्ना ने आए हुए भक्तों का स्वागत किया। इस मौके पर जशवंत सिंह बबलू, प्रहलाद यादव, विवेक पांडेय, अरुण मिश्र आदि रहे।