करंजाकला (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और स्वरोजगार अपनाने वाले शेखर आनंद ने प्रेग्नेंसी किट जैसी हिथॉक्स-के बनाई है। इसके जरिये एनीमिया की स्क्रीनिंग और एसेंशियल विटामिन की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। कार्डियो वैस्कुलर डिजिज, सिकल सेल एनीमिया के साथ थैलेसीमिया की जांच आसानी से हो जाएगी।
यह किट पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंक्यूबेशन सेंटर के कार्यकारी निदेशक प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, बायोटेक विभाग के संकायाध्यक्ष प्रो राजेश शर्मा, प्रो. प्रदीप कुमार और नृपेन भट्ट की मदद से तैयार की गई है। शेखर आनंद के मुताबिक, किट की स्टि्रप पर खून की एक बूंद डालते ही आनुवांशिक बीमारियों की जानकारी मिल जाएगी। इसका पेटेंट जल्द ही कराया जाएगा, फिर व्यावसायिक उपयोग शुरू होगा। जो किट बनी है, उसमें प्लास्टिक की स्ट्रिप बनाई गई है। इसके जरिये घर बैठे ही आसानी जांच की जा सकेगी। पैथालॉजी सेंटर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। किट सस्ती और सुलभ होगी, ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है। उनका कहना है कि आनुवांशिक बीमारियों को पता लगाने में लोगों की उम्र निकल जाती है। कई मामलों में बीमारी का पता भी नहीं चल पाता है। अचानक समस्या सामने आती है। ऐसे में इलाज का मौका नहीं मिल पाता है। किट का इस्तेमाल करके सरकार ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा बदलाव ला सकती है। इसे बनाने में करीब ढाई वर्ष लगे हैं। अभी दाम नहीं तय है। शेखर मूल रूप से प्रयागराज के रहने वाले हैं। संवाद