फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विभागीय उपेक्षा का शिकार बनी है किसान मानधन योजना

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। सरकार की जन कल्याणकारी योजना में शुमार किसान मानधन योजना विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। योजना शुरू हुए पांच माह बीतने के बावजूद अभी तक मात्र 2485 किसानों को इससे जोड़ा जा सका है, जबकि जिले में कुल छह लाख 55 हजार 912 किसान हैं।
विज्ञापन

किसानों को पेंशन देने के लिए सरकार ने गत अगस्त माह में किसान मानधन योजना शुरू की थी। इसके तहत 18 से 40 वर्ष के आयु वाले ऐसे किसान जिनके नाम से भूमि है, उन्हें 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद प्रतिमाह तीन हजार रुपया पेंशन के रुप में देने का प्राविधान है। इसके लिए किसानों को निर्धारित अंशदान भी प्रिमियम के रुप में जमा करना होगा। इस योजना को सफल बनाने के लिए जिला कृषि अधिकारी को नोडल बनाया गया है। किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए किसी भी सहज जन सेवा केंद्र से रजिस्ट्रेशन कराने की सुविधा प्रदान की गई है, लेकिन सरकार की प्राथमिकता में होने और तमाम जागरुकता कार्यक्रमों के बावजूद जिले में यह योजना परवान नहीं चढ़ पा रहा है। योजना शुरुआत के समय कृषि विभाग ने कैंप लगाकर योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को जागरुक किया। इसके बाद वह इसमें रुचि कम कर दिया। उसके द्वारा अब न तो कैंप का आयोजन किया जा रहा है और न ही योजना का प्रचार प्रसार करवाया जा रहा है। नतीजा किसानों का जुड़ाव बेहद कम है। अभी तक जिले में मात्र 2485 किसान ही जुड़ पाए हैं। शेष किसान अभी इस योजना का लाभ पाने से वंचित हैं।
55 से 200 तक प्रिमियम की धनराशि है निर्धारित
जौनपुर। किसान मानधन योजना के तहत 18 से 40 वर्ष के किसानों के प्रिमियम की धनराशि निर्धारित की गई है। इस दौरान 55 से 200 रुपये तक प्रिमियम की धनराशि किसानों के आयुवार निर्धारित की गई है। जिसे किसानों को प्रतिमाह 60 वर्ष की आयु पूरी होने तक जमा करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें