मछलीशहर (जौनपुर)। आगामी 14 मार्च से पूरे एक महीने के लिए ‘खरमास’ शुरू हो रहा है। इसके साथ ही विवाह और अन्य मांगलिक आयोजनों पर विराम लग जाएगा। ज्योतिष एवं तंत्र आचार्य डॉ. शैलेश मोदनवाल के अनुसार, शनिवार 14 मार्च को रात 3:07 बजे सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसे मीन संक्रांति भी कहते हैं। इसके साथ ही खरमास शुरू हो जाएगा। शास्त्रों के मुताबिक, इस अवधि में विवाह, यज्ञोपवीत, मुंडन, कर्णवेध, गृह निर्माण, प्रतिमा स्थापना और नए व्रतों का उद्यापन वर्जित माना गया है। भले ही शुभ कार्य वर्जित हों लेकिन धार्मिक दृष्टि से यह समय बेहद महत्वपूर्ण है। विद्वानों के अनुसार, संक्रांति काल में पवित्र नदियों में स्नान और गौ, अन्न व स्वर्ण का दान करना अक्षय फलदायी माना जाता है। कर्मकांड के विद्वान पं. मुरारी श्याम पांडेय व्यास ने बताया कि 14 अप्रैल मंगलवार को सुबह 11:25 बजे जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तब खरमास समाप्त होगा। इसके साथ ही वैशाख महीने की मांगलिक लग्न और शुभ मुहूर्त फिर शुरू हो जाएंगे।