चंदवक। केराकत तहसील में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने की रफ्तार बहुत धीमी है। 9 महीने बीत गए सिर्फ तीन हजार उपभोक्ताओं के घर ही स्मार्ट मीटर लग पाए हैं। अब हर महीने 16000 स्मार्ट मीटर लगाए जाएं तब जाकर दिसंबर 2025 तक काम पूरा हो सकेगा। हालांकि लक्ष्य समय से पूरा होने के लेकर निगम के अधिकारी खुद संशय में हैं। केराकत तहसील के केराकत, थानागद्दी, डोभी, मुफ्तीगंज और जलालपुर को मिलाकर कुल पांच विद्युत वितरण उपखंड हैं। इसमें कुल 139400 उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य कार्यदायी संस्था जीएमआर को मिला है। जुलाई 2024 से घरों पर स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू हुआ। पहले इसे मार्च 2025 तक पूरा हो जाना था लेकिन निगम की लचर कार्यशैली और मीटर में आई खराबी के कारण काम समय से नहीं हो सका। अब इसका लक्ष्य बढ़ा कर दिसंबर 2025 किया गया है। फिलहाल स्मार्ट मीटर की प्रगति यह है कि 9 महीने में सिर्फ तीन हजार घरों में ही स्मार्ट मीटर लगाए जा सके हैं। जबकि 1.36 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगना शेष है। इस हिसाब से कुल उपभोक्ताओं के लक्ष्य का दो प्रतिशत भी कार्य अभी तक पूर्ण नही हो सका है। उधर स्मार्ट मीटर लगाने का काम जौनपुर शहर में भी होना है। यहां भी जीएमआर संस्था ही मीटर लगवाने का काम कर रही है। शहर में सिपाह क्षेत्र में 5000 मीटर लगाए जाने थे। सुस्त कार्यशैली से काम पूरा नहीं हो सका। हालांकि निगम का दावा है कि इस महीने यहां का काम पूरा कर लिया जाएगा।
यहां इतने लगे स्मार्ट मीटर
उपखंड- लक्ष्य - इतने लगे
डोभी - 22500 - 0
मुफ्तीगंज - 29,400 - 100
जलालपुर - 24000 - 0
केराकत - 26700 - 2700
थानागद्दी - 36000 - 300
सरकारी कार्यालयों में भी नहीं लगे स्मार्ट मीटर-केराकत तहसील क्षेत्र में कुल 600 से अधिक सरकारी कार्यालयों एवं भवनों में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य 31 मार्च तक पूरा करने का आदेश था। लेकिन कार्यदायी संस्था लक्ष्य पूरा करने में विफल रही। अब तक 50 प्रतिशत सरकारी कार्यालयों में भी स्मार्ट मीटर नही लग सके हैं।
जीपीएस से लैस हैं स्मार्ट मीटर-नए स्मार्ट मीटर जीपीएस से लैस हैं। यह 4जी/5जी नेटवर्क से सर्वर से जुड़ा रहेगा। मीटर से छेड़छाड़ की सूचना निगम मुख्यालय में लगे सर्वर पर पहुंच जाएगी। मीटर में छेड़छाड़ की पुष्टि होने पर उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई होगी। बिजली खपत की सटीक जानकारी उपभोक्ता के मोबाइल पर एप से मिलती रहेगी।
ये हैं फायदे-स्मार्ट मीटर लगने से सही बिल निकलेगा। मीटर रीडर प्रो डिवाइस के जरिये बिल बनाएंगे। इसमें डिस्प्ले की रीडिंग एप पर दर्ज करने पर गलत बिलिंग की समस्या दूर होगी। मीटर की वास्तविक रीडिंग के अनुसार ही बिल आएगा।
स्मार्ट मीटर लगाने का मुख्य लक्ष्य बिजली चोरी को रोकना और बिलिंग प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है। कार्यदायी संस्था को तेज गति से स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। समय-समय पर काम की निगरानी की जा रही है। जल्द ही लक्ष्य पूरा किया जाएगा। - दिव्य रंजन, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड प्रथम, जौनपुर