शाहगंज - श्रीराम कथा में भक्तिभाव में झूमते भक्तजन। संवाद
शाहगंज। नगर के रामलीला मैदान में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा में कथावाचक राजन महराज ने कहा कि कथा धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि जीवन को दिशा देने का माध्यम है। हर किसी को समय निकालकर कथा सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम के आदर्श चरित्र, मर्यादा और त्याग से सभी को सीख लेनी चाहिए। बालक राम की मनोहारी लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम ऐसी बाल लीलाएं करते थे कि माता कौशल्या सहित समस्त राजपरिवार आनंदित हो उठता था। कभी वे घुटनों के बल चलते, कभी अपनी मधुर मुस्कान से सबका मन मोह लेते। उनके दिव्य स्वरूप को देखकर सभी को उनके असाधारण होने का आभास होता था। काकभुसुंडि संग शिव का अयोध्या पहुंचना और बाल रूप में राम की महिमा का गुणगान की कथा सुनाई। कहा कि जब भगवान शिव को ज्ञात हुआ कि स्वयं श्रीहरि ने राम रूप में अयोध्या में अवतार लिया है तो वे उनके दर्शन की तीव्र इच्छा लेकर साधु वेश में अयोध्या पहुंचे। माता कौशल्या ने जब उस साधु से बालक राम का भाग्य देखने को कहा तो शिवजी भाव विभोर हो गए और संकेतों में माता को बताया कि यह बालक कोई साधारण राजकुमार नहीं बल्कि स्वयं परमब्रह्म हैं। राजा जी खजनवा देदा... भजन पर पंडाल झूम उठा। कथा व्यास ने बताया कि भगवान शिव मदारी का रूप धारण कर अयोध्या पहुंचे और बालक राम की झलक पाने के लिए लीला की। कहा कि बिना शिव भक्ति के राम कथा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता। भगवान शंकर स्वयं राम नाम का जप करते हैं, इसलिए शिव और राम की भक्ति एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। अंत में सामूहिक आरती उतारी गई और प्रसाद वितरण किया गया। डीएम डॉ. दिनेश चंद ने आशीर्वाद लिया। कथा में पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, विधायक गोसाईंगंज अभय सिंह, अमेठी गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह, आयोजक आनंद अग्रहरि, विशाल अग्रहरि, भुवनेश्वर मोदनवाल, कृष्णकांत सोनी, राम अवतार अग्रहरि आदि रहे।
शाहगंज - श्रीराम कथा में भक्तिभाव में झूमते भक्तजन। संवाद