वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में शायर, कवि व गजल गायक कैफी आजमी के नाम पर बन रहा कैफी संचार भवन 14 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका। सिने अभिनेत्री शबाना आजमी ने अपने पिता कैफी आजमी के नाम पर विश्वविद्यालय परिसर में कैफी संचार भवन के लिए 50 लाख रुपये दिए थे।
पिता के नाम से पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में कैफी संचार भवन बनाने का उनका सपना अधूरा रह गया। भवन का निर्माण कार्य शुरू तो हुआ, लेकिन भवन की नींव बनाकर छोड़ दिया गया। फिल्म अभिनेत्री व पूर्व राज्यसभा सदस्य शबाना आजमी ने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में शायर कैफी आजमी की याद में कला व रंगमंच से जुड़ा संस्थान बनाने के लिए 2002 में शिलान्यास किया।
उस समय पूरा प्रोजेक्ट सवा करोड़ का था। शबाना आजमी ने 50 लाख रुपये का सहयोग अपनी निधि से किया। पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने भवन के निर्माण के लिए राजकीय निर्माण निगम को जिम्मेदारी सौंपी थी। दो बार शबाना आजमी ने स्वयं निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और उन्होंने शीघ्र भवन बन जाने पर जोर दिया।
पांच साल बाद भवन के निर्माण के रेट को रिवाइज किया गया। जिसके बाद पौने दो करोड़ का बजट पहुंच गया। उधर, राजकीय निर्माण निगम ने दावा किया कि निर्माण कार्य में डेढ़ करोड़ का बजट खर्च कर दिया गया है। शबाना आजमी ने तत्कालीन कुलपति प्रोफेसर आरसी सारस्वत से कैफी संचार भवन को लेकर बात की, फिर भी कोई सुधार नहीं हुआ।
बजट के अभाव में निर्माण कार्य रुका हुआ है। भवन की दीवारें जर्जर हो रही हैं। नवागत कुलपति से लोगों को कैफी संचार भवन का निर्माण कार्य पूरा कराने की काफी उम्मीद है।
कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह का कहना है कि कैफी संचार भवन के बारे में पूरी जानकारी जुटाकर निर्माण कार्य पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। यदि किसी भवन का निर्माण कार्य रूका है और उससे छात्रों का हित प्रभावित हो रहा है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा।