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Jaunpur News: कलेक्ट्रेट में सजेगा जूही बब्बर का मंच, नाना-नानी के संघर्षों को खुद करेंगी जीवंत

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पत्रकारों से बातचीत करतीं जूही बब्बर। सोशल मीडिया
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जौनपुर। अपने ननिहाल की माटी से जुड़ाव और पूर्वजों की ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक अनूठा और कलात्मक प्रयास बुधवार को देखने को मिलेगा। बॉलीवुड एवं रंगमंच की चर्चित अभिनेत्री जूही बब्बर आने वाले दिनों में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित प्रेक्षागृह में अपने नाना-नानी के जीवन संघर्ष पर आधारित एक विशेष एकल नाटक का मंचन करने जा रही हैं। इस नाटक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके सभी किरदारों को मंच पर स्वयं जूही बब्बर अकेले ही जीवंत करेंगी। इस बात का खुलासा मंगलवार शाम को जिला पंचायत गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने किया। इस दौरान वे अपने ननिहाल की यादों को साझा करते हुए भावुक नजर आईं। जूही बब्बर ने अपनी पारिवारिक जड़ों को याद करते हुए बताया कि उनके नाना सज्जाद जहीर जौनपुर के खेतासराय थानाक्षेत्र अंतर्गत कलापुर गांव के मूल निवासी थे। उन्होंने वर्ष 1936 में साहित्य जगत के बड़े लेखकों और बुद्धिजीवियों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से प्रगतिशील लेखक संघ की स्थापना की थी। यह आंदोलन उस दौर में सामाजिक चेतना, क्रांति और प्रगतिशील सोच का एक बड़ा प्रतीक बनकर उभरा। अपनी नानी रजिया जहीर को याद करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि उस दौर में जब महिलाओं की शिक्षा पर समाज में तमाम बंदिशें थीं, तब उनके नाना ने नानी को उच्च शिक्षा के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय भेजा। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने लखनऊ के कई प्रतिष्ठित कॉलेजों में अध्यापन किया और महिला शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। जूही बब्बर ने कहा कि उनके नाना-नानी ने अंग्रेजी शासनकाल की विषम परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए शिक्षा प्राप्त की और समाज में ज्ञान की मशाल जलाई। उन्हीं के जीवन, संघर्ष, प्रेम, विचार और सामाजिक योगदान को आधार बनाकर इस नाटक की पटकथा तैयार की गई है। प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व एमएलसी शिराज मेहदी भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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