आम जन की समस्याओं के समाधान के लिए मंगलवार को वामपंथी दलों ने संयुक्त रूप से जिला मुख्यालय पर हुंकार भरी।
एफडीआई, भ्रष्टाचार के विरोध और किसानों-मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए संयुक्त वामपंथी संघर्ष समिति के बैनर तले सड़क पर उतरे कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। इससे पहले रैली निकालकर कार्यकर्ताओं ने शहर में भ्रमण किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई।
केंद्र सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए संयुक्त वामपंथी संघर्ष समिति के बैनर तले सीपीआई, सीपीआई (एम), एसयूसीआई (कम्युनिस्ट), फारवर्ड ब्लाक, आरएसपी और सीपीआईएमएल लिबरेशन ने रैली निकालकर धरना-प्रदर्शन किया। रैली पालीटेक्निक चौराहे से निकाली गई।
इसमें शामिल कार्यकर्ता लाल झंडे और बैनर लिए हुए थे और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शहर में भ्रमण किया। रैली रुहट्टा, ओलंदगंज होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना एवं सभा के रूप में तब्दील हो गया।
सभा की अध्यक्षता वामपंथी दलों के अध्यक्ष मंडल में शामिल जगदीश चंद्र अस्थाना, कल्पनाथ गुप्त, किरन शंकर सिंह, गोपालमणि त्रिपाठी आदि ने की।
वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण अध्यादेश लाने के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना था कि महंगाई में कोई कमी नहीं हुई। कालाधन अभी देश में सरकार नहीं ला पाई। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को राष्ट्रपति को संबोधित नौ सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन भी दिया। सभा को जयलाल सरोज, इंद्रजीत पाल, नीरज श्रीवास्तव, प्रमोद शुक्ल, रवि शंकर मौर्या, महेंद्र मौर्या, सुभाष पटेल, जयप्रकाश सिंह, ऊदल, विजय प्रताप सिंह आदि ने संबोधित किया।