बक्शा। स्थानीय विकास खण्ड के सुजियामऊ गांव में मंगलवार को पारंपरिक होली गीत का आयोजन किया गया। इस दौरान फगुआ गीतों व वाद्य यंत्रों की धुन पर श्रोता मन्त्र मुग्ध हो गये।
कलाकारों ने अवधी, फगुआ, उलारा, चैता, बेलवइया, चहका, धमार आदि गीत की शानदार प्रस्तुति दी। श्रीपति उपाध्याय के आवास पर आयोजित होली मिलन गीत में गायक कलाकार बजरंगी सिंह ने धमार गीत मन बसा मोर वृन्दाबन में एवं वैसवारा करिहौ का यार करिहौ का यार, मैं तरुणी हरि छोट जतन करिहौ का यार, सुनाया को श्रोता को भाव विभोर हो उठे। बड़कऊ उपाध्याय ने चहका झोकवन बहई बयार अटरिया लम्बी छवाई द बालम प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गायक रामआसरे तिवारी ने फगुआ गीत बालम सेजिया ना आये सखी खूब सराहा गया। प्रख्यात गायक लालसाहब पाठक, कैलाश शुक्ल, रामनवल शुक्ल, आशीष पाठक, कृष्णानन्द उपाध्याय, चक्रपति उपाध्याय, विदित नारायण उपाध्याय, अभिनव उपाध्याय, शिवानंद , त्रिवेणी प्रसाद पाठक आदि ने लुप्त हो रही लोकगीतों की बेहतरीन प्रस्तुति दी। अंत में श्रीपति उपाध्याय ने आभार जताया। इस दौरान डॉ. अशोक सिंह, डॉ. मनोज मिश्र, जयप्रकाश सिं , भुलेश्वशर पाण्डेय, वशिष्ठ शुक्ला, सत्यनारायण मिश्र, कृष्णकांत उपाध्याय, विद्यानंद उपाध्याय, विनोद तिवारी, लोकेश उपाध्याय, अंब्रीश दुबे आदि लोग मौजूद रहे।
मोहे घायल कीन्ह मुरारी कहत राधा प्यारी
खुटहन। स्थानीय विकास खंड के रुस्तमपुर गांव में पारंपरिक लोक गीत फगुआ व चैता पर देर रात तक श्रोता झूमते रहे। तीर्थराज मिश्र, रामसजीवन मिश्र व श्रीकृष्ण पांडेय की गायन मंडली ने ‘सजनी यह वीर वसंत शयन सजी धाए’, ‘मोहे घायल कीन्ह मुरारी कहत राधा प्यारी’ सुनाया। रामजी मिश्र ने ‘अर्जुन बलवान किए प्रतीक्षा भारी’ सुनाया तो झिन्नू दुबे व अवधेश तिवारी ने होरी गायन किया। मंतोष पांडेय ने ढोलक पर साथ दिया। डॉ.अनिल तिवारी,ज्वाला प्रसाद उपाध्याय,देवतादीन यादव,दीनानाथ मिश्र,पिंटू श्रीवास्तव,राकेश मिश्र,प्रेम तिवारी,उमाशंकर तिवारी, दिनेश यादव तथा विकास श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहे।अंत में आयोजक प्रधान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीकृष्ण पांडेय बड़कऊ ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।