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जौनपुर में ‘होर्डिंग वॉर’ : नियम ताक पर, सड़कों पर अवैध बैनरों की भरमार

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नगर पंचायत मड़ियाहूं में लगी अवैध होर्डिंग। संवाद
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जौनपुर। जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में त्योहारों की शुभकामनाओं वाले अवैध होर्डिंग और बैनरों की बाढ़ आ गई है। एक तरफ नगर पालिका प्रशासन हर दो-तीन महीने में इन्हें हटाने का दावा करता है, वहीं धरातल पर मुख्य मार्ग हों या गलियां, हर तरफ खंभे और सड़कें विज्ञापनों से पटी पड़ी हैं। जौनपुर शहर के टीडी कॉलेज रोड, ओलंदगंज, कोतवाली, भंडारी रोड और पॉलिटेक्निक से मड़ियाहूं मार्ग तक बिजली के खंभों और भवनों पर अवैध होर्डिंग्स लटके देखे जा सकते हैं। नगर पालिका के ईओ पवन कुमार का कहना है कि समय-समय पर अभियान चलाकर इन्हें हटाया जाता है और जल्द ही पुनः बड़े स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, वर्तमान स्थिति उनके दावों के विपरीत नजर आती है। मड़ियाहूं नगर पंचायत की स्थिति और भी चौंकाने वाली है। यहां करीब 150 राजनीतिक और 200 व्यावसायिक होर्डिंग्स बिना किसी आधिकारिक अनुमति के लगे हैं। हैरत की बात यह है कि नगर पंचायत ने अब तक होर्डिंग लगाने की कोई नियमावली ही तैयार नहीं की है। ईओ चंदन सिंह गौड़ ने स्वीकार किया कि अब तक किसी को अनुमति नहीं दी गई है और न ही कोई शुल्क वसूला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, निजी ठेकेदार और प्रिंटर सरकारी जमीन का उपयोग कर मोटी कमाई कर रहे हैं। कोतवाली तिराहा और सती माई तिराहा जैसे प्रमुख चौराहों पर बड़ी होर्डिंग के लिए 3000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जबकि छोटे बैनरों का रेट 200 से 400 रुपये तय है। इस अवैध वसूली के कारण नगर पंचायत को प्रति वर्ष लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं।
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