जौनपुर/सिंगरामऊ। यूपीएससी के घोषित परिणामों में जौनपुर का जलवा कायम है। जिले के रहने वाले उत्कर्ष मिश्रा और शुभम सिंह ने पांचवी बार में सफलता पाई वहीं सदर के नायब तहसीलदार कामयाब हुए। तुलापुर के उत्कर्ष मिश्रा को सिविल सेवा परीक्षा में 337 वीं रैंक मिली है। चाचा लालेश कुमार मिश्रा रिंकू परिवार सहित कालीकुत्ती में रहते हैं, उनके मुताबिक उत्कर्ष दस साल से सिविल सेवा में जाने की सपना संजोए थे।
उन्होंने पांचवें प्रयास में सफलता हासिल की है। चाचा ने बताया कि उत्कर्ष ने पिछली बार भी इंटरव्यू दिया था, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया था। आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक उत्कर्ष की स्कूली शिक्षा बरेली से हुई है। उत्कर्ष की माता शशि मिश्रा गृहिणी हैं।
पिता चंद्रेश मिश्रा बरेली में कोचिंग चलाते हैं। छोटे भाई हर्ष मिश्रा ने भी आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। उत्कर्ष सोशल मीडिया पर केवल जरूरत की चीजों को ही देखते हैं। पूरा फोकस लक्ष्य पर था। उत्कर्ष को जब भी समय मिलता था वह पढ़ाई करते थे।
डीएनए वैज्ञानिक पद्मश्री लालजी सिंह के परिवार के शुभम सिंह को भी कामयाबी :
सिकरारा। कलवारी गांव के प्रख्यात डीएनए वैज्ञानिक पद्मश्री तथा बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो लालजी सिंह के परिवार के शुभम कुमार सिंह ने पांचवें प्रयास में यूपीएससी में 378वी रैंक हासिल की है। शुभम का कहना है कि कभी में शॉर्ट कट के पीछे न भागिए। परिश्रम का विकल्प नहीं है।
एक न एक दिन मेहनत का फल जरूर मिलता है। दीनानाथ सिंह की दो संतानों में शुभम छोटे हैं। बड़ी बहन चेतना सिंह है। माता शकुंतला गृहिणी हैं। दीनानाथ सिकरारा ब्लॉक के साथ-साथ सुजानगंज व बदलापुर में सोशल आडिट को-ऑर्डिनेटर हैं। 2017 में धनबाद के इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश लेकर प्रथम श्रेणी में पास किया। वर्ष 2022 से दिल्ली रहकर यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। दो बार इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन असफलता से घबराए नहीं और पांचवें प्रयास में 378वी रैंक लाने में सफलता मिली।
सदर के नायब तहसीलदार भी यूपीएससी की परीक्षा में सफल
जौनपुर। तीन साल से नायब तहसीलदार सदर के पद पर तैनात अतुल सिंह ने यूपीएससी परीक्षा में 697वीं रैंक हासिल की है। वह प्रयागराज जिले के कोरांव क्षेत्र के उल्दा गांव के मूल निवासी हैं। वह 2019 बैच के नायब तहसीलदार हैं। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। डीएम डॉ. दिनेश चंद्र ने बताया कि नायब तहसीलदार के पद पर तैनात अतुल सिंह कई बार असफल होने के बावजूद निरंतर प्रयास करते रहे और अपने लक्ष्य से कभी विचलित नहीं हुए। अतुल सिंह ने सफलता का श्रेय जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र के मार्गदर्शन, प्रेरणा और आशीर्वाद को देते हुए कहा कि राजस्व विभाग की व्यस्त नौकरी के बावजूद जिलाधिकारी के प्रोत्साहन से प्रेरणा मिली। संवाद
यूपीएससी में चयन होने पर अतुल सिंह का स्वागत करते डीएम डा. दिनेश चंद्र। सूचना विभाग
यूपीएससी में चयन होने पर अतुल सिंह का स्वागत करते डीएम डा. दिनेश चंद्र। सूचना विभाग