शीतला चौकिया धाम में आयोजित पांच दिवसीय श्री हनुमत कथा के उद्घाटन पर आए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि यह जिला उनका पैतृक जिला है। इसलिए यहां से खास लगाव है। यहां के यमदग्निपुरम में भगवान परशुराम का पालन पोषण हुआ था, उनके नाम पर जिले का नाम होना चाहिए। कहा कि 2024 चुनाव के बाद अपने मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहकर जिले का नाम यमदग्निपुरम कराएंगे। उन्होने प्रति वर्ष एक बार जनपद के लोगों को कथा सुनाने का भरोसा दिया। कहा कि दुनिया में जितने भी निर्बल और कमजोर प्राणी हैं उनके सबसे मजबूत सहारा हनुमान जी माने जाते हैं। हनुमान जी के स्मरण मात्र से ही प्राणी को सभी कष्टों से सहारा मिल जाता है।
स्वामी रामभद्राचार्य ने जमैथा गांव स्थित मंदिर व परशुराम के कथा की चर्चा की। हनुमत कथा में पहुंचे व्यास आचार्य रामचंद्र दास जी ने कहा कि हनुमान जी सेवकों के लिए एक आदर्श माने जाते हैं। वह प्रभु श्री राम को अपना इष्ट मानकर उनके भक्त के लिए मिसाल माने जाते हैं। हनुमान कथा के सोपान से हर दुख में सहारा मिलता है।
इस दौरान कथा आयोजन कर्ता पंडित विनय त्रिपाठी, संजय श्रीमाली, क्षमा नाथ त्रिपाठी, विनीत सेठ, पूर्व सांसद धनंजय सिंह, बसंत श्रीमाली, अमित गुप्ता, अजय यादव, राजेश शुक्ल, सुरेंद्र माली, गुड्डू त्रिपाठी, पवन दूबे, राहुल त्रिपाठी, पवन दूबे, बंगाली त्रिपाठी व कई थानों की फ़ोर्स मौजूद रहे। इससे पहपले उनका स्वागत किया।