फोटो-07-शास्त्री पुल के बगल बन रहा नया पुल। संवाद
जौनपुर। ऐतिहासिक शहर जौनपुर अब गोमती नदी पर पुलों के मामले में खास होने जा रहा है। शहर में गोमती पर पांचवें पुल का निर्माण शुरू हो गया है। इसके चलते अब जौनपुर महज 1.5 किलोमीटर के दायरे में पांच समानांतर पुलों वाला अनोखा शहर बन जाएगा। साथ ही शहर की सबसे प्रमुख जाम की समस्या का समाधान होगा और पूर्वांचल के प्रयागराज से लेकर गाजीपुर और गोरखपुर तक जिले की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। जौनपुर शहर का शाही पुल देशभर में अपने अनूठे शिल्प के लिए चर्चित है। पुल की चौड़ाई 26 फीट है, जिसके दोनों तरफ दो फीट तीन इंच चौड़ी मुंडेर है। पुल के बीच में चतुर्भुजाकार चबूतरे पर एक विशाल सिंह की मूर्ति है, जो अपने अगले दोनों पंजों से हाथी के पीठ पर सवार है। इसके सामने मस्जिद है। पुल के उत्तर तरफ दस व दक्षिण तरफ पांच ताखे हैं। पुल अष्टकोणात्मक स्तंभों पर थमा है। शाही पुल का निर्माण नदी में विशाल खंभों पर किया गया है। पानी के बहने के लिए दस द्वार बनाए गए हैं। शाही पुल के दोनों तरफ दो पुल बनाए गए हैं। पहला पुल कलीचाबाद में बनाया गया है, जो इसी वर्ष जनवरी में चालू हुआ। जबकि दूसरी तरफ सद्भावना पुल है। पुल से करीब 500 मीटर की दूरी पर शास्त्री पुल है, जिस पर पूर्वांचल के अन्य जिलों के आवागमन का भार है। इससे शहर में आए दिन जाम की स्थिति रहती है। इधर, सड़कों के चौड़ीकरण के बाद यह समस्या और बढ़ गई है। इससे निजात दिलाने के लिए इसी पुल के बगल में एक और पुल बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए 23 जुलाई 2021 को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को गोमती नदी पर अलग से शास्त्री पुल के समानांतर दो लेन पुल बनाने की स्वीकृति दी थी। दो लेन वाले पुल के लिए विभाग ने 26.98 करोड़ रुपये जारी किया है। इसके बाद काम शुरू हुआ लेकिन नदी में पानी ज्यादा होने के कारण काम ठप हो गया था। अब यह कार्य फिर शुरू हो गया है। फाउंडर पिलर का काम तेज हो गया है।