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जौनपुर: बीते दिनों को याद कर होता है गर्व, अब तो मौन ही बन गया सहारा

Tue, 25 Jan 2022 09:44 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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जौनपुर में पहले स्वतंत्रता और गणतंत्र दिवस एक उत्सव के रूप में मनाया जाता था, लेकिन अब वह दौर नहीं रहा। देश के गणतंत्र बनने के गवाह रहे लोग उस समय को याद कर गर्व महसूस करते हैं। पर आज की स्थिति देखकर दुखी हो जाते हैं। 
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जिले के सुजानगंज क्षेत्र के सर्वेमऊ निवासी स्वतंत्रता सेनानी गंगा प्रसाद तिवारी 100 साल से अधिक के हो चुके हैं। वे बोल नहीं पाते हैं, उनकी देखरेख कर रहे भतीजे अरुण कुमार तिवारी बताते हैं कि वो इस समय की स्थिति को लेकर दुखी रहते हैं। वे कहते हैं कि हमने आजादी की लड़ाई एक साफ सुथरी छवि वाले भारत के लिए की थी, लेकिन आज राजनीति उसके विपरीत है। आज देश में भ्रष्टाचार व्याप्त है। कोई भी कार्य बिना घूस के नहीं होता है। यहां तक कि कभी कोई अधिकारी हमारी सुध ही नहीं लेने आता, हमारे दरवाजे तक कोई सड़क नहीं है तो कैसे कह दें कि देश में सब सही हो रहा है। जब हम जैसे लोगों के साथ अधिकारी और नेता का रवैया नकारात्मक है तो आम जनता के प्रति कैसा होगा।

 
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वहीं स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय बाबू रामेश्वर प्रसाद सिंह की 114 साल की पत्नी महारानी देवी उस समय को याद कर उत्साह में देशवासी जागो, देश ने पुकारा है...। पूरे उत्साह से कहने लगीं। हालांकि वह उम्र अधिक हो जाने से ज्यादा नहीं बोल सकीं। मगर, उनकी बहू विमला सिंह बताती हैं कि माता जी जब मन में आता है तब आजादी के समय की बातें बताती हैं।

वे आजादी से पूर्व अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए बाबू जी का हमेशा साथ देती थीं। वो बताती हैं कि आजादी के समय वह अपने मकान के दूसरे तल पर थीं। आज भी उन्हें वह दिन याद है। बहुत लोग आए थे और वे बोल रहे थे चलिए नीचे हम लोग आजाद हो गए हैं। इसके बाद हम लोग बड़े मैदान में इकठ्ठा हुए थे। बाबू रामेश्वर प्रसाद सिंह ने खुशी में जलेबी बांटी थी। अब वर्तमान व्यवस्था से दुखी हैं, क्योंकि अब तो बस केवल नेतागिरी ही रह गई है। लोगों को सोचना चाहिए कि हम कितनी मुश्किलों से आजादी पाए थे।
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