जाैनपुर के जफराबाद थाना क्षेत्र का बशीरपुर गांव बीते दो फरवरी यानी रविवार को शाम चार बजे गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल गया। इसमें दो लोगों को गोली लगी थी तो एक पर धारदार हथियार से हमला हुआ था।
जौनपुर के बशीरपुर गोली कांड में गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जफराबाद पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 132 लोगों को पाबंद करते हुए चालान रिपोर्ट एसडीएम न्यायालय भेज दिया। पुलिस ने इस मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है।
विज्ञापन
जमानत के लिए आरोपियों को एक लाख तक का बांड भरना होगा। गुरुवार को अचानक से भारी संख्या में पुलिस के पहुंचते ही बशीरपुर गांव में एक बार फिर से हड़कंप मच गया। यहां पुलिस ने पहुंच कर हर किसी घर में जिसको पाबंद किया है, उसे नोटिस पकड़ाते हुए चेतावनी दी।
विज्ञापन
साथ ही नोटिस को सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस द्वारा चस्पा भी किया गया। रविवार की शाम बसीरपुर गांव में आवास सर्वे को लेकर दो राजनीतिक गुटों के बीच उपजे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। परिणाम स्वरूप शाम को हुई गोलीबारी में दो लोगों को गोली लगी थी तथा एक पर धारदार हथियार के हमले से घायल हुआ था।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की तरफ गांव में पुलिस बल और पीएसी की तैनाती भी की गयी थी। सोमवार सुबह मामला फिर बिगड़ गया जब आरोपी रामहित के भाई रामजस के मकान में स्थित देशी शराब की दुकान को खोलने पहुंचे गद्दीदार को देख बस्ती के लोग भड़क गए।
ठेके के पास पहुंची भीड़ ने दुकान के पीछे बने अर्धनिर्मित स्ट्रक्चर में तोड़फोड़ की और मड़हे को आग के हवाले कर दिया था। उस मामले में पुलिस ने दुकान मालिक जयसिंह यादव की तहरीर पर 60 लोगों के खिलाफ बल्वा सहित अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया था।
अब तीसरी कार्रवाई करते हुए जफराबाद पुलिस ने दोनों पक्षों के 132 लोगों को बीएनएस की धारा 126 के तहत एक वर्ष तक के लिए सदाचार बनाए रखने के लिए कार्रवाई की है।