जौनपुर। जौनपुर व मछलीशहर बस स्टेशन को पीपीपी मॉडल यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां बस मिलने के अलावा विभिन्न कंपनी की दुकान, होटेल रेस्टोरेंट शॉपिंग मॉल, आधुनिक वर्कशॉप, वेटिंग रूम आदि की व्यवस्था की जाएगी। इसकी कवायद विभाग की ओर से शुरू कर दी गई है। बस डिपो की सुविधाएं बढ़ाए जाने के बाद यात्रियों को सहूलियत मिलेगी।
जौनपुर डिपो की अपनी कुल 62 बसें हैं। इसके अलावा 14 बसें अनुबंधित हैं। कुल 76 बसें प्रतिदिन विभिन्न मार्गों पर संचालित की जाती हैं। डिपो से प्रतिदिन करीब आठ से नौ हजार यात्री यात्रा करते हैं। डिपो में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में मिलने वाली परेशानियों से यात्रियों को अब निजात मिलेगी। इसके लिए जौनपुर और मछलीशहर बस स्टैंड को पीपीपी मॉडल की तर्ज पर बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इन बस स्टेशनों पर यात्रियों के बैठने, मनोरंजन के लिए डिस्प्ले, टॉयलेट-यूरिनल, रैंप लाइटिंग, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, बस इफार्मेशन सिस्टम समेत अन्य आधुनिक इंतजाम किए जाएंगे।
मछलीशहर : वहीं प्रयागराज गोरखपुर मार्ग पर स्थित मछलीशहर में एक प्रमुख रोडवेज बस स्टैंड है। यहां से प्रयागराज, लखनऊ, प्रतापगढ़, रायबरेली, आजमगढ़, गोरखपुर, वाराणसी जाने का एकमात्र साधन रोडवेज बस ही है। नगर में दो एकड़ भूमि पर स्थित बस स्टैंड परिसर खाली ही रहता है। इस मार्ग पर चलने वाली बसें भी बस स्टैंड परिसर के अंदर न जाकर बाहर हाईवे से ही गुजर जाती हैं। सुविधाओं के अभाव में यात्रियों को परेशानी होती है।
जौनपुर व मछलीशहर बस स्टैंड से प्रतिदिन रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है। यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कतें न हो इसके लिए विशेष ध्यान दिया जाता है। हालांकि पीपीपी मॉडल की तर्ज पर जौनपुर और मछलीशहर बस स्टैंड बनने की सूचना नहीं प्राप्त हुई। अगर आरएम इस बात को बता रहे हैं तो जल्द ही पत्र हमारे पास भी आ जाएगा। इन कार्यों के होने से निश्चित रूप से यात्रियों को सहूलियत मिलेगी। -रमेशचंद्र सिंह, एआरएम जौनपुर डिपो।