जौनपुर। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की अधिकतम अवधि भले ही 25 दिन निर्धारित की गई है लेकिन यहां दो महीने तक लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। नगर पालिका में सैकड़ों आवेदन दो महीने से पड़े हुए हैं और आवेदक चक्कर काट रहे हैं।
जनवरी से लेकर अब तक यह 2400 लोगों ने जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था, जिसमें 285 आवेदकों के प्रमाणपत्र नहीं बने हैं। वे नगर पालिका में धूल फांक रहे हैं। प्रमाण पत्रों बनाने में पारदर्शिता और समयबद्धता के लिए आनलाइन आवेदन की व्यवस्था की गई है। अनलाइन आवेदन करने के बदा उसकी रसीद और जरूरी दस्तावेज नगर पालिका में जमा करने पड़ते हैं। इसके बाद 25 दिन में प्रमाण पत्र मिल जाना चाहिए। मर नगर पालिका के कर्मचारियों के लिए इस समयबद्धता का कोई मतलब नहीं रह गया है। लोगों को कम से कम डेढ़ से दो माह इंतजार करना पड़ रहा है।
जनवरी से 15 सितंबर तक जन्म प्रमाण के 1500 आवेदन आए, जिसमें 200 बने ही नहीं। साढ़े आठ महीने में मृत्यु प्रमाणपत्र के 900 आवेदनों में 85 नहीं बनाए गए हैं। जिम्मेदारों की दलील है कि जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए शेष बचे आवेदन पत्रों में से 100 आवेदन पत्र अधूरे हैं और 100 की फीस नहीं जमा हैं, जबकि मृत्यु प्रमाण पत्र में जो आवेदन शेष बचे हैं। उसमें सभी अधूरे हैं। आवेदन करने वाले लगातार विभाग का चक्कर काट रहे हैं अगर फार्म अधूरे हैं तो उनको पूरा करवाने का क्या प्रयास किया गया, इस बारे में कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है। जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 50 और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 25 रुपये निर्धारित है, लेकिन जानकारों का कहना है कि इससे कई गुना ज्यादा रकम वसूल की जाती है।
प्रमाणपत्र जारी करने में देर की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा हो रहा है तो लोगों का प्रमाण पत्र शीघ्र ही बनवा दिया जाएगा। अगर कोई देर के लिए जिम्मेदार होगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे लोगों को समय प्रमाण पत्र देना हमारी प्राथमिकता है। -संतोष मिश्रा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद जौनपुर