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ज्ञान से परिपूर्ण है शोध की यात्रा 

Sat, 25 Jun 2016 12:32 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
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पूविवि में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते मंडलायुक्त नीतिन रमेश गोकर्ण।
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मंडल आयुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने कहा कि शोध एक खोज है। शोध का रास्ता ज्ञान से भरा होता है। इस यात्रा में कई आयामों से रूबरू होना पड़ता है। वह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शिक्षा संकाय तथा सामाजिक विज्ञान संकाय के शोधार्थियों को संबोधित कर रहे थे। 
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उन्होंने ने कहा कि सामाजिक विषयों में शोध के दौरान आमजन से जुड़ना पड़ता है। तब जाकर सही तथ्यों का संकलन हो पाता है। पूर्व कुलपति डा. कीर्ति सिंह ने कहा कि शोध में गम्भीरता एवं कर्तव्यनिष्ठा परिलक्षित होनी चाहिए। कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि अच्छा शोध प्रबंध लेखन एक कला है।

आपके कितने वैज्ञानिक ढंग से उसे सुनियोजित करते हैं। उस दिशा में एक अनोखी पहल यह कार्यशाला है। शोधार्थियों से कहा कि आप अपने विषय को अपनी आत्मा से जोड़ें। कार्यशाला के समानान्तर तकनीकी सत्रों में डा. यूपी सिंह एवं संकाय भवन स्थित कांफ्रेंस  हाल में शोध पत्र लेखन पर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
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बीएचयू संस्कृत विभाग के प्रो. उपेन्द्र पाण्डेय, मनोविज्ञान के प्रो. तुषार सिंह, दर्शनशास्त्र विभाग के प्रो. केएस ओझा, भूगोल के प्रो. रामबिलास, आयुर्विज्ञान संस्थान के प्रो. ज्ञानप्रकाश सिंह, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग के प्रो. एचएस उपाध्याय ने सांख्यिकी डाटा एनालिसिस डाटा प्रजेंटेशन के पर प्रकाश डाला।

लखनऊ विवि के डिप्टी लाईब्रेरियन डा. ज्योति मिश्रा एवं मानद पुस्तकालयाध्यक्ष डा. मानस पाण्डेय ने जर्नल, टेक्स्ट बुक्स, रिफरेंस बुक्स की जानकारी दी। डा. विद्युत कुमार मल ने शोध गंगा की विस्तार से जानकारी दी। संचालन संकायाध्यक्ष डा. एचसी पुरोहित व स्वागत आयोजन सचिव  डा. वन्दना राय ने किया।
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