पुलिस की गिरफ्त में आनलाइन फ्रांड करने के आरोपी। पुलिस विभाग
जौनपुर। साइबर थाने की पुलिस ने ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट और बेटिंग एप के माध्यम से ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने नेवढ़िया निवासी कृष्णा सिंह (22) और चंदवक के रामप्रताप सिंह (34) को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि यह गिरोह कूटरचित दस्तावेजों पर बैंक खाते और सिम कार्ड लेकर ठगी की रकम उनमें मंगाता था। आरोपियों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में कुल 61 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनके जरिए इन्होंने करीब 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। प्रभारी निरीक्षक महेश पाल सिंह ने बताया कि ठगी के पैसे से बनाई गई संपत्तियों की जांच की जा रही है और जल्द ही इन्हें कुर्क करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। जांच में पता चला कि कृष्णा सिंह और रामप्रताप सिंह विभिन्न राज्यों के लोगों के साथ साइबर/इन्वेस्टमेंट के नाम पर धोखाधड़ी करते हैं। फ्राॅड के रुपये अपने व परिचितों के खातों में मंगाते हैं। जांच में यह भी पता चला कि कूटरचित दस्तावेजों से विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए गए हैं और उनका प्रयोग भी फर्जी सिम लेने के लिए किया गया, जिसके बाद खातों में साइबर फ्राॅड का पैसा मंगाकर कैश करा लिया जाता था। दोनों आरोपियों ने विभिन्न राज्यों में करीब 30 करोड़ की साइबर ठगी की है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दोनों आरोपियों ने बनारस में किराए के मकान में ऑफिस बनाया था। वहां इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को टेलीग्राम व सोशल मीडिया और बेटिंग एप के माध्यम से पैसे कमाने का लालच देते थे। फिर, लोगों से छोटे अमाउंट लगवाकर बड़े अमाउंट का लालच देकर पैसे इन्वेस्ट करवाते थे। गैंग की ओर से साइबर फ्राॅड से लगभग 70 लाख रुपये आरोपियों ने खातों में मंगाकर चेक और एटीएम से निकालने की बात सामने आई है।