जौनपुर जिले में पांच साल पहले दुर्घटना में सब इंस्पेक्टर की मौत हुई थी। इस मामले में उनके बेटे ने पंवारा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। गवाहों के बयान एवं समस्त साक्ष्यों के बाद कोर्ट ने ट्रक बीमा की कंपनी को 94 लाख क्षतिपूर्ति का आदेश दिया है।
जौनपुर जिले के पंवारा थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर साहबजान की मौत के मामले में जज मनोज कुमार अग्रवाल ने याची को 94 लाख रुपये क्षतिपूर्ति का आदेश ट्रक की बीमा कंपनी को दिया।
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घटना की प्राथमिकी पुत्र कलामुद्दीन ने पंवारा थाने में दर्ज कराया था। कलामुद्दीन और उनके तीन भाइयों ने दुर्घटना वाले ट्रक के ड्राइवर, मालिक और द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ ट्रिब्यूनल में याचिका दाखिल की कि 2 नवंबर 2019 को पंवारा थाने में तैनात उनके पिता सब इंस्पेक्टर साहबजान बाइक से सतहरिया जा रहे थे।
11:30 बजे दिन में दारापुर के पास पीछे से तेज रफ्तार आ रहे ट्रक ने उन्हें चपेट में ले लिया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिवक्ता ने गवाहों के बयान अंकित कराए। मृतक का वेतन साबित किया।
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गवाहों के बयान एवं समस्त साक्ष्यों के बाद कोर्ट ने पाया कि दुर्घटना में ट्रक चालक की उपेक्षा व लापरवाही थी। कोर्ट ने ट्रक की बीमा कंपनी को उत्तरदाई ठहराते हुए याचीगण को दो माह के भीतर न्यायाधिकरण में क्षतिपूर्ति जमा करने का आदेश दिया।