शास्त्री पुल पर एक तरफ लगी सुरक्षा जाली तो दूसरी तरफ खाली। संवाद
जौनपुर। शहर के मध्य से गुजरी गोमती नदी पर बने तीन पुलों शाही, सद्भावना और शास्त्री पर इस समय लोग जाने से भी डरने लगे हैं। एक तरफ चीनी मांझा तो दूसरी ओर घर से छोटी-छोटी बातों पर नाराज होकर घर से निकले लोग छलांग यहां छलांग तक लगा देते हैं। तीनों पुल सुसाइड पॉइंट बनते जा रहे हैं। डीएम डाॅ. दिनेश चंद्र ने तीनों पुलों पर सुरक्षा जाली और फेंसिंग लगाने का निर्देश दिया था लेकिन यह काम बजट के इंतजार में लटक गया है। जिम्मेदार इसपर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सड़क सुरक्षा समिति की तीन महीने पहले हुई बैठक में इसका मुद्दा भी उठा था। डीएम ने इन पुलों पर सुरक्षा जाली लगाने के निर्देश दिया था। उस समय नगर पालिका और एनएचएआई के अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर यह व्यवस्था करने के लिए कहा था। जिलाधिकारी ने कहा था कि दीपावली से पहले हर हाल में जाली लग जानी चाहिए। हालांकि जिम्मेदारों ने उस समय इसे गंभीरता से लिया और सुरक्षा जाली लगाने का काम शुरू किया लेकिन यह सुरक्षा जाली शास्त्री ब्रिज पर एक ही तरफ लगाई गई। दूसरे छोर के अलावा सद्भावना और शाही पुल पर सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की। हालांकि 11 दिसंबर को शास्त्री ब्रिज पर चीनी मांझे से एक निजी स्कूल के प्रधानाध्यापक संदीप त्रिपाठी (45) की गला कटने से हुई मौत के बाद लोहे का तार लगाने का काम शुरू हुआ, जिसे अधूरा छोड़ दिया गया है।