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गांवों में पहुंचा संक्रमण, 11 साल का बालक भी कोरोना की गिरफ्त में

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22- सिकरारा क्षेत्र के लजीपार गांव में बांस बल्ली से सील कराते बीडीओ छोटे लाल तिवारी। - फोटो : JAUNPUR
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जलालपुर। पिछले दो माह से जारी कोरोना संकट बीच यह पहला मामला है, जब 11 साल का बालक इस बीमारी से पीड़ित पाया गया है। पिता की मौत के बाद मुंबई से परिवार के साथ आए बालक को कब और कैसे यह बीमारी हो गई, किसी को पता नहीं।
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शुक्रवार को 28 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आई है। इसमें जलालपुर ब्लाक के हरिपुर गोनौली गांव का 24 वर्षीय युवक और उसका 11 वर्षीय भतीजा है। युवक का बड़ा भाई मुंबई में ऑटो चलाता था। पत्नी, तीन बच्चे सहित उसका पूरा परिवार मुंबई में ही रहता था। 11 मई को बड़े भाई की मौत हो गई। अंतिम संस्कार के बाद 12 मई की देर शाम किराए का वाहन से सब चल पड़े और 14 मई को वह जौनपुर पहुंचे। उनको बयालसी इंटर कॉलेज में रोक लिया गया। 15 मई को सैंपल जांच के लिए भेजने के बाद उन्हें होम क्वारंटीन कर दिया गया था। सभी घर से 500 मीटर दूर मड़हे में रह रहे थे। किसी में बीमारी के लक्षण नहीं उजागर हुए हैं।
सिरकोनी ब्लाक के खलीलपुर गांव के चार सहोदर कोरोना पीड़ित हैं। चेंबूर में रहने वाले चारों भाइयों में दो मुंबई में ऑटो रिक्शा चलाते थे तो एक सिक्योरिटी गार्ड और एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। काम-धंधा बंद होने के बाद 13 मई की देर शाम सभी श्रमिक स्पेशल ट्रेन से जौनपुर पहुंचे थे। इनके साथ परिवार के अन्य लोग भी थे। जलालपुर के असबरनपुर में मिला कोरोना मरीज भिवंडी में एक फैक्ट्री में काम करता थ और 14 मई को परिवार के चार अन्य सदस्यों के साथ ट्रेन से आया था। केराकत के सरस्वती विद्या मंदिर में थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान तापमान अधिक होने से उसे रोक लिया गया था। लखमीपुर गांव निवासी मरीज भी 13 मई को ट्रेन से ही दो अन्य लोगों के साथ मुंबई से आया था। जफराबाद क्षेत्र के हौज पोखरा गांव में मिला कोरोना मरीज15 मई को गांव में आने के बाद से वह लगातार गांव में घूमता रहा। वह लोगों के साथ ताश खेलते भी देखा गया। मीरगंज क्षेत्र के मीरपुर में मिला कोरोना मरीज मुंबई के भिवंडी इलाके में पावरलूम में काम करता था। वह 11 मई को मुंबई से ट्रक से प्रयागराज और वहां से साइकिल से आया था। ट्रक में 40 अन्य लोग सवार थे। प्राथमिक स्कूल में क्वारंटीन के दौरान खांसी आने पर लोगों ने इसकी रिपोर्ट की थी। बेलवार के युवक के साथ ट्रेन में भाई, बेटी समेत दस से अधिक लोग थे। शीतलगंज निवासी महिला भी पति के साथ उसी ट्रेन में आई थी। करंजाकला के पतहना गांव निवासी युवक 21 लोगों के साथ अलग-अलग टेंपो में 10 मई को मुंबई से चला था, जिसमें 15 लोग गांव के थे। छह अन्य केराकत क्षेत्र के रहने वाले हैं।
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केराकत के युवक को ढूंढ रहा प्रशासन
केराकत। जिले में मिले 28 कोरोना मरीजों में चार केराकत क्षेत्र के हैं। इनमें तीन का पता लग गया है लेकिन चौथे मरीज को प्रशासन ढूंढ रहा है. सूची में उसका नाम, पिता के नाम के अलावा केराकत लिखा गया है। वह किस मुहल्ले का है और कहां से आया थ। इसकी जानकारी नहीं हो पा रही थी। उसका फोन नंबर भी बंद है। एसडीएम चंद्रप्रकाश पाठक व ईओ संदीप कुमार ने बताया कि युवक का पता लगाया जा रहा है। उसे भी जल्द ढूंढ लिया जाएगा।
मरीजों के गांव में शुरू हुआ सैनिटाइजेशन
बदलापुर। तहसील क्षेत्र के दुगौली, असुआपार, कठार और ऊदपुर गेल्हवा में पॉजीटिव मरीज मिलने के बाद गांव में सैनिटाइजेशन शुरू करा दिया गया है। उनके परिजनों की निगरानी की जा रही है। संपर्क में आने वालों के सैंपल लिए जा रहे हैं। महराजगंज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. स्वतंत्र कुमार ने बताया कि दुगौली, असुआपार व कठार गांव में 744 घरों की जांच के लिए टीम गठित की गई है। बदलापुर के सीएचसी अधीक्षक डॉ. संजय दुबे ने बताया कि कठार गांव में अनुमानित 127 घरों के सर्वे के लिए टीम लगाई गई है। सिकरारा ब्लाक में एक सप्ताह में चौथा कोरोना मरीज मिला है। शुक्रवार को कंधरपुर गांव में बेटे और पड़ोसियों के साथ 15 मई ट्रेन से आए बुजुर्ग में कोरोना पाजिटिव पाया गया है। उसके बाद से गांव को सील कर दिया गया है।
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