पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी का जौनपुर से गहरा लगाव था। वह तीन बार जिले में आ आई थीं। 1978 में विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग के डाकबंगले में रात भी गुजारी थी।
कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ता आज भी उस क्षण को याद कर भावुक हो उठते हैं। पूर्व प्रधान मंत्री की जयंती की पूर्व संध्या पर अमर उजाला ने पुराने कांग्रेस नेताओं के साथ उनके जनपद आगमन को लेकर उनकी स्मृतियों को साझा किया तो लोगों
की आंखें नम हो गईं। पूर्व सांसद कमला प्रसाद सिंह कहते हैं कि 1977 में इंदिरा गांधी जिले में आई थीं। आजमगढ़ से मोहसिना किदवई की जीत के बाद वहां आयोजित एक समारोह में हिस्सा लेने के बाद इंदिरा गांधी वाराणसी जा रहीं थीं।
जौनपुर में उनका पड़ाव था। शाहगंज के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित करने के बाद वह जिला मुख्यालय पहुंचीं। उन्हें यहां से वाराणसी जाना था। जगह जगह स्वागत के लिए जुटी भीड़ के चलते वह अगले दिन भोर में चार
बजे वाराणसी पहुंचीं। ठीक दो साल बाद विधानसभा चुनाव के दौरान भी वह जिले र्में आइं तो एक रात सिंचाई विभाग के डाकबंगले में रुकीं। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी भी थे। उन दिनों को याद कर पूर्व सांसद कमला प्रसाद
सिंह की आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने बताया कि देश की पहली महिला प्रधान मंत्री जब जिले में आई थीं तो वह डाकबंगले में घर से बनवाकर खाना लेकर गए थे। दाल में पड़ा कच्चा आम उन्हें बहुत पसंद आया था।
उन्होंने बताया कि उस दौर में कलेक्ट्रेट गेट के पास मशहूर यादव चाय वाले ने इंदिरा गांधी जी को अपनी चाय पिलाने के लिए पूरे दिन दूकान बंद कर दिया था। उसे तीन बजे का समय मिला था।
नई केतली में चाय और कुल्हड़ के साथ वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ इंदिरा जी के पास पहुंचा था। पूर्व पीएम ने उनकी चाय की भी खूब तारीफ की थी। पूर्व राज्यपाल माता प्रसाद कहते हैं कि रारी विधानसभा में उप चुनाव था।
सूर्यनाथ उपाध्याय कांग्रेस के प्रत्याशी थे। उनके प्रचार में इंदिरा जी आई थीं। सिकरारा के आझूराय इंटर कालेज में जनसभा थी। इंदिरा जी को सुनने के लिए भीड़ इतनी अधिक थी कि मैदान छोटा पड़ गया।