पूविवि में आयोजित अभाविप, काशी प्रांत के प्रांतीय अधिवेशन में बोलते भारतीय कुश्ती खिलाड़ी पद्
जौनपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, काशी प्रांत के 65वें प्रांतीय अधिवेशन का सोमवार को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महंत अवैद्यनाथ सभागार में शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, काशी प्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश ने कहा कि वर्तमान समय में भारतवर्ष को एक बार फिर राष्ट्रीय पुनरुत्थान की आवश्यकता है, जिसका आधार ज्ञान और चरित्र की शिक्षा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि एकता में ही वास्तविक शक्ति है, जो शांति की स्थापना करती है। देश तभी सशक्त बनेगा जब हम व्यक्ति की जय के स्थान पर भारत की जय के संकल्प के साथ कार्य करेंगे। विशिष्ट अतिथि भारतीय कुश्ती खिलाड़ी पद्मश्री योगेश्वर दत्त ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की असली शक्ति उसके युवाओं में निहित होती है। यदि युवा मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत हैं तो राष्ट्र स्वतः ही सशक्त बन जाता है।
राष्ट्र निर्माण में समाज के हर वर्ग का योगदान अतुलनीय है। जहां खिलाड़ी वैश्विक पटल पर देश का मान बढ़ाते हैं और फौजी सीमाओं की रक्षा करते हैं, वहीं शिक्षक भावी पीढ़ी को शिक्षित कर देश का आधार तैयार करते हैं। हमें यह समझना होगा कि निस्वार्थ भाव से की गई समाज सेवा भी वास्तव में देश सेवा ही है। हमारा लक्ष्य पूरे समाज को एकजुट कर साथ लेकर चलना होना चाहिए ताकि हम मिलकर भारत को उन्नति की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा सकें। अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान दौर में युवा पीढ़ी के सामने बढ़ता हुआ स्क्रीन टाइम एक गंभीर चुनौती है, जो मानसिक अवसाद का बड़ा कारण बनता जा रहा है। साथ ही आज शैक्षणिक परिसरों में ऐसी विचारधाराओं की अधिकता दिखती है, जो समाज को तोड़ने का प्रयास करती हैं, जबकि सकारात्मक रूप से जोड़ने वाले लोग कम हैं।