फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jaunpur News: खेतासराय नगर पंचायत में 24 साल में नहीं खिला कमल

विज्ञापन
विज्ञापन
अब तक जीते हैं निर्दलीय और सपा के उम्मीदवार
विज्ञापन

- पहली बार अनारक्षित हुई इस सीट पर इस बार होगा जबरदस्त मुकाबला
फोटो संख्या-3
संवाद न्यूज एजेंसी
खेतासराय। जिले के नौ नगर पंचायतों और तीन नगर पालिकाओं में से एक खेतासराय नगर पंचायत का राजनीतिक समीकरण काफी दिलचस्प है। यहां पहली बार यह सीट अनारक्षित हुई है। 1999 में गठित इस नगर पंचायत से 24 साल में एक बार भी कमल नहीं खिला। कुल चार चुनावों में दो बार साइकिल दौड़ी है तो दो बार निर्दलियों ने सभी दलों की रणनीति को फेल करा दिया।
नगर पंचायत का गठन वर्ष 1999 में हुआ था। 13 वार्डों वाले इस निकाय में पहला चुनाव वर्ष 2000 में हुआ। पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित सीट पर पहली बार सभी पार्टियों के उम्मीदवारों को पराजित करते हुए कपड़ा व्यवसायी वसीम अहमद अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। वर्ष 2006 में सीट महिला पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने पर समाजवादी पार्टी ने वसीम अहमद की पत्नी महजबीन पर भरोसा जताते हुए टिकट दिया तो उन्होंने निर्दलीय निर्मला गुप्ता को पराजित कर सीट सपा के खाते में डाल दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्ष 2012 में यह सीट महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुई। इस चुनाव में कांटे के मुकाबले में निर्दलीय निर्मला गुप्ता महज नौ वोट से महजबीन को हराकर पिछली हार का बदला ले लिया। वर्ष 2017 में अध्यक्ष पद पर एक बार फिर पिछड़ी जाति महिला के लिए सीट आरक्षित हो गया। इस बार सपा प्रत्याशी वसीम अहमद ने निर्मला गुप्ता को पराजित कर सीट पर पुन: सपा का कब्जा करा दिया। वर्ष 2023 में अध्यक्ष पद पहली बार अनारक्षित घोषित हुआ है। इस बार पुराने प्रतिद्वंद्वी के साथ नए चेहरे भी मैदान में हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें