सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ियाहूं के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार भारती ने बताया कि मड़ियाहूं में 1 जुलाई से 20 जुलाई तक सर्प दंश की 56 घटनाएं हुई हैं। पीड़ित को पांच से 20 वाइल तक सांपों के जहरीले होने के अनुसार एंटी स्नेक वेनम लगाना पड़ता है।
डॉ. अशोक यादव बताते हैं कि सर्प की दो सौ से अधिक प्रजातियां हैं। इन प्रजातियों में 70 प्रतिशत जहरीले नहीं होते हैं। पूर्वांचल में कोबरा, करैत व वाइपर ही अधिक विषैले हैं। आमतौर पर सर्प बिल, उपले, पुराने घरों में रहते हैं, जिन्हें रोकने के कारगर उपाय नहीं है।