जौनपुर। विश्व तंबाकू दिवस पर रविवार को आनलाइन जागरूकता गोष्ठी का आयोजन कर सभी को तंबाकू से होने वाले नुकशान को बताया। गोष्ठी में दन्त रोग विशेषज्ञ डा. तुलिका मौर्या ने कहा कि तंबाकू के सेवन से कैंसर, फेफड़े के रोग, हृदय रोग का खतरा बढ रहा है। कई देशों में तो तंबाकू के प्रचार पर भी प्रतिबंध है। तंबाकू के उत्पादों में 4 हजार से भी ज्यादा रसायन होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक हैं। शरीर के अंगों पर उनका बुरा प्रभाव पडता है। गुटखा, पान मसाला, दोहरा, खैनी, सुर्ती के सेवन से लार का स्राव अधिक होता है। दन्त रोग विशेषज्ञ डा. गौरव प्रकाश मौर्य ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से 2018 के कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार भारत में तंबाकू से 10 लाख से ज्यादा मौतें हुई हैं। इनमें करीब 4.5 लाख मौत तंबाकू जनित हृदय रोग के कारण हुई हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2005 के आंकड़ों बताते हैं कि भारत में प्रतिवर्ष तंबाकू से मृत्यु होने वालों की संख्या टीबी, हेपेटाइटिस, एड्स आदि से होने वाली मृत्यु की तुलना में 20 प्रतिशत ज्यादा है। ग्लोबल एडल्ट टोबैको के सर्वे 2016-17 के अनुसार भारत में 15 वर्ष या अधिक के 34.5 प्रतिशत जनसंख्या तंबाकू उत्पादकों का उपयोग करते हैं। जिनमें 14 प्रतिशत बीड़ी या सिगरेट एवं 25.9 प्रतिशत सुर्ती, खैनी, गुटखा आदि का प्रयोग करते हैं।