जनपद में रोज ही कहीं न कहीं सड़क दुर्घटना हो रही है। लोगों की हादसे में जान भी जा रही है। औसतन रोजाना 1200 लोगों पर यातायात नियमों के उल्लघंन पर कार्रवाई भी हो रही है। इसके बाद बाद भी हालात नियंत्रण में हैं।
परिवहन विभाग के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक दुर्घटना वाले जनपदों में जौनपुर 14वें स्थान पर है। पिछले साल जनवरी में 11वें स्थान पर था।
2025 में जनवरी और फरवरी में सड़क हादसों में कुल 85 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2026 में 63 लोगों की जान सड़क दुर्घटना में गई। इस इस बार मौत के आंकड़े में 25.9 फीसदी कमी आई है।
प्रशासन की ओर से सड़क दुर्घटनाओं को 50 फीसदी तक कम करने के लिए अभियान चलाया जा रहा रही है। साथ ही हर महीने आंकड़े भी जारी किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि 70 फीसदी दुर्घटनाएं मानवीय लापरवाही के कारण होती हैं।
सड़क दुर्घटनाओं में 95 फीसदी जान 18 से 40 वर्ष आयु के युवा चालकों की जा रही हैं। प्रदेश में पिछले वर्ष जनवरी और फरवरी माह में 7984 सड़क हादसे हुए।
जबकि इस वर्ष जनवरी-फरवरी में 7928 स्थानों पर दुर्घटनाएं हुई। इनमें पिछले वर्ष जहां 4377 लोगों की दो माह में जान गई थी, वहीं इस बार जनवरी-फरवरी में 4120 लोगों की जान गई। यानी 5.9 फीसदी की मौत के मामले में कमी आई। वहीं, जनपद की बात करें तो जनवरी 2025 के जनवरी-फरवरी माह में 103 सड़क दुर्घटनाएं हुईं।
जबकि 2026 के जनवरी फरवरी में यह आंकड़ा बढ़कर 115 पर पहुंच गया। यानी 11.7 फीसदी अधिक दुर्घटनाएं हुई। हालांकि राहत की बात यह है कि मौत के आंकड़े में 25.9 फीसदी कमी हुई हैं।
एआरटीओ सत्येंद्र सिंह के मुताबिक 2025 की जनवरी और फरवरी में कुल 85 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2026 में 63 लोगों की जान सड़क दुर्घटना में गई। जबकि घायलों की बात करें तो 24 फीसदी की कमी आई थी।
पिछले वर्ष जनवरी-फरवरी में 100 लोग सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे। जबकि इस बार 75 लोग ही सड़क दुर्घटना में घायल होकर अस्पताल पहुंचे हैं। संवाद