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जांच में सम्मान निधि का लाभ लेते पाए गए 23 हजार अपात्र

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जौनपुर। जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे अपात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अभी तक हुए जांच में 23 हजार किसान ऐसे पाए गए हैं, जो अपात्र होते हुए भी योजना का लाभ ले रहे थे। जिनसे योजना की धनराशि वसूलने का कार्य किया जा रहा है। अभी तक एक करोड़ 50 लाख 49 हजार रूपये की वूसली की गई है। हालांकि अभी भी कृषि व राजस्व विभाग की टीम लाभार्थियों के घर-घर जाकर ऐसे अपात्र किसानों की जांच कर रहे हैं, जिससे इनकी संख्या में और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।
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किसानों को खेती किसानी का कार्य करने में दिक्कत न हो। वे आराम से खेती किसानी का कार्य करे सके, इसके मद्देनजर सरकार की ओर से पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है, जिसके तहत योजना के पात्र एक किसान को एक साल में तीन किस्तो में कुल छह हजार रूपये दिया जा रहा है। इस समय कुल सात लाख 56 हजार 451 किसान इस योजना का लाभ पा रहे है,लेकिन भारत सरकारी की वेबसाइट की ओर से इनकम टेक्स पेयी 9541 किसानों को योजना का लाभ लेते पकड़ा गया, जिसके बाद जिले में योजना का लाभ ले रहे किसानों की जांच शुरू की गई, इसके लिए कृषि व राजस्व विभाग की टीम बनाकार घर-घर जाकर जांच कराने का कार्य किया जा रहा है। अभी तक कुल 23 हजार किसान विभिन्न कारणों से अपात्र पाए गए, जिनसे वसूली की जा रही है। अभी तक एक करोड़ 50 लाख 49 हजार रूपये की वसूली की गई है।
अपात्र किसान इस खाते में जमा कर सकते हैं धनराशि
जौनपुर। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे अपात्र किसान इस खाता नंबर पर धनराशि जाम कर सकते हैं, जिसमें बैंक का नाम भारतीय स्टेट बैंक है। खाते का नाम डायरेक्टर एग्रीकल्चर एंड फाइनेंस कंट्रोलर यूपी है। खाता संख्या 40279688625 है। शाखा का नाम नेशनल बोटेनिकल रिसर्च इन्स्टीट्यूट (एनबीआरआई) लखनऊ है। आईएफसी कोड एसबीआईएन 0010173 है।
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कृषि और राजस्व विभाग की टीम सम्मान निधि का लाभ ले रहे अपात्रों की जांच कर रही है। अभी तक 23 हजार किसान ऐसे पाए गए हैं, जो अपात्र होते हुए भी योजना का लाभ ले रहे थे, जिनसे अभी तक एक करोड़ 50 लाख 49 हजार रुपये वसूला गया है। जांच पूरी होने तक ऐसे किसानों की संख्या और बढ़ सकती है। - जय प्रकाश, उप कृषि निदेशक
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