जौनपुर। नहरों में पानी नहीं आने से धान की रोपाई बाधित है। इसके साथ ही रोपी गई धान सूखने के कगार पर है। अभी तक 60 फीसदी धान की रोपाई नहीं हो सकी है। रोपाई के लिए खेतों को पर्याप्त पानी की जरूरत है जबकि रजवाहा व अन्य छोटी माइनरें सूखी पड़ी है।
सिंचाई विभाग का कहना है कि पानी कम छोड़ा गया है। इसलिए यह समस्या हो रही है। साथ ही जून में औसत बारिश 97.1 मिमी के सापेक्ष महज 67.4 मिमी बारिश हो सकी। यह जून के औसत बारिश के सापेक्ष 30 एमएम कम है। रोपाई का कार्य अब पिछड़ता जा रहा है। किसानों का कहना है कि अब तक अच्छी बारिश न होना और सूखी नहरों ने चिंता बढ़ा दी है।जिले में सिंचाई के लिए छोटी-बड़ी कुल 343 नहरें हैं, जो करीब 1705 किमी लंबी हैं। इन नहरों से रवि व खरीफ की कुल दो लाख चार हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। खरीफ सीजन की महत्वपूर्ण खेती धान की है। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस साल कुल एक लाख 53 हजार 641 हेक्टेयर में धान की रोपाई होनी है पानी के अभाव में अभी महज 40 फीसदी धान की रोपाई हो सकी है। यानी 60 फीसदी अभी भी धान की रोपाई नहीं हो पाई है।सुरेरी : क्षेत्र के पूरेदयाल, शंभूपुर, दुबेपुर, भानपुर, घोरहा, देहुआ आदि गांव से होकर गुजरने वाली शारदा सहायक खंड-39 की पटखौली माइनर में पानी नहीं छोड़ गया है। क्षेत्र के किसान बब्बू पटेल व टिंकल सिंह की माने तो माइनर में पानी न छोड़े जाने से धान की बेहन तैयार होने के बावजूद किसान रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
राजाबाजार : महराजगंज क्षेत्र की शारदा सहायक खंड-36 सूखी पड़ी है। इससे निकली बिझवट भीमपुर रजवाहा बनवहा गोन्दालपुर जैसे कई माइनरों में पानी नहीं आने से किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे है। किसान अशोक कुमार सिंह, शंभूनाथ सिंह, राकेश मौर्या, हीरालाल, मजीठी के किसान शेरबहादुर यादव जिम्मेदार अधिकारियों से पानी छोड़े जाने की मांग की है।मछलीशहर : क्षेत्र के शारदा सहायक खंड-39, कुंवरपुर रजवाहा, मछलीशहर रजवाहा, जहांसापुर माइनर, घिसुवाखुर्द माइनर में पानी की जगह धूल उड़ रही है। नर्सरी तैयार कर किसान पानी की आस लगाए हुए हैं। नहर में पानी न आने से धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। बदलापुर : बदलापुर में शारदा सहायक खंड-36 भीमपुर रजवाहा में दरारें फट रही हैं। यही हाल सिंगरामऊ क्षेत्र से निकली नहरों की भी है।