जौनपुर। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पीछे सराफा कारोबारी के यहां एक करोड़ पांच लाख की डकैती का खुलासा करने की कमान आईजी रेंज वाराणसी विजय सिंह मीणा ने संभाल रखी है। वह दो दिनों से जौनपुर में डेरा डाले हुए हैं और इस मामले में प्रगति पर नजर रखे हुए हैं। एडीजी वाराणसी जोन ब्रजभूषण शर्मा भी हर घंटे पुलिस अधिकारियों से इनपुट ले रहे हैं।
गुरुवार की रात तकरीबन सवा नौ बजे सराफा कारोबारी सुरेश सेठ की फर्म श्री महालक्ष्मी ज्वैलर्स नकाबपोश बदमाशों ने एक करोड़ पांच लाख 85 हजार की डकैती की घटना को अंजाम दिया था। घटना के बाद एडीजी एवं आईजी वाराणसी ने जिले में डेरा डाल दिया है। बीस से अधिक बदमाशों एवं 50 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लेकर पुलिस घटना का सुराग तलाश रहीं है। कुछ महत्वपूर्ण सुराग पुलिस के हाथ लगे जरूर है लेकिन पुलिस उसे खंगालने में जुटी हुई है। सराफा कारोबारी सुरेश सेठ ने इस मामले में भले ही छह बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। लेकिन पुलिस इस घटना में नौ से अधिक लोगों के शामिल होने का शक जता रहीं है। आजमगढ़, गाजीपुर, भदोही, प्रतापगढ़ के बदमाशों की कुंडली खंगाली जा रहीं है। सूत्रों की मानें तो आजमगढ़ के एक थाना प्रभारी एवं गाजीपुर से जफराबाद के पूर्व एसओ रहे एक इंस्पेक्टर को भी जौनपुर बुला लिया गया है। उधर दो दिन बीतने के बाद भी घटना का खुलासा न होने से लोगों में गुस्सा पनप रहा है। सराफा कारोबारी आंदोलन की रणनीति तय करने में जुटे है। इस घटना को अंजाम देने का शक शातिर बदमाशों पर है। कारण जिस दुस्साहस के साथ घटना को अंजाम दिया गया है वह नए बदमाश नहीं दें सकते है। एक साथ में लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले जेल में बंद एवं जमानत पर छूट बदमाशों की कुंडली पुलिस खंगाल रहीं है। आईजी रेंज विजय सिंह मीणा का कहना है कि घटना हर हाल में वर्कआउट किया जाएगा। महत्वपूर्ण सुराग पुलिस के हाथ लग चुके हैं। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही हैं।