बक्शा। बक्शा विकास खंड के सवंसा गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ के छठवें दिन शनिवार की रात में आचार्य अंकित महाराज ने कहा कि भगवत स्मरण हो तो मरण भी मंगलमय हो जाता है। अपने सुमधुर गोपी गीत की स्तुति से भक्तों का मन मोह लेने वाले आचार्य ने कहा कि भगवान और भक्त के बीच प्रेम विह्वल कर देता है। उन्होंने कंस की ओर आयोजित धनुष यज्ञ की कथा श्रवण कराते हुए कहा कि अक्रूर जिस समय श्रीकृष्ण एवं बलराम के लिए यज्ञशाला मेले में जाने लगे गोपियों का करुण क्रंदन देख सभी नगरवासियों की आंखें नम हो गई। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में विवाह एक संस्कार है। भक्तों को रुक्मिणी विवाह की कथा श्रवण कराते हुए आचार्य ने कहा कि जीव रूपी पिता जब नारायण रूपी वर का चरण धोता है तो अहंकार समाप्त हो जाता है और ममता रूपी बेटी का हाथ समर्पित करता है तो ममता समर्पित हो जाती है। उन्होंने कहा कि हमें सत्कर्म करते हुए संघर्ष को कल पर टाल देना चाहिए। इस दौरान मुख्य यजमान संतोष उपाध्याय, विभा उपाध्याय, पूर्व प्रधानाचार्या उमा उपाध्याय, अंबर उपाध्याय, संतोष उपाध्याय, कन्हैया उपाध्याय, लक्ष्मीशंकर उपाध्याय, अंबरीष उपाध्याय, रज्जू उपाध्याय सहित सैकड़ों भक्तजन मौजूद रहे।