जौनपुर। तेज बीप न होती तो कक्ष निरीक्षक नकलचियों को पकड़ नहीं पाते। वे जिस तरह की इलेक्ट्रानिक डिवाइस परीक्षा केंद्र में लेकर पहुंचे थे, उसको पहचानना मुश्किल था। उन्होंने इसे ठीक से छुपा भी रखा था।
डिवाइस को छुपाने में परीक्षार्थी कामयाब रहे लेकिन परीक्षा कक्ष में शांत माहौल में बार-बार बीप की आवाज ने उनकी कोशिशों पर पानी फेर दिया। राजा श्रीकृष्ण दत्त पीजी कॉलेज में पकड़ा गया कौशल यादव एटीएम के मास्टर कार्ड में डिवाइस छिपाकर लाया था। प्राचार्य डॉ. शंभूराम ने बताया कि उसकी शर्ट के नीचे कंधे पर माइक्रो ब्लूटूथ लगा था। बीप की आवाज के बाद कक्ष निरीक्षक ने सजग निगाह डाली तो एक परीक्षार्थी बार-बार कंधा उचका रहा था। इसी से उसे शक हुआ और वह पकड़ा गया। पूछताछ में उसने बताया कि चाय की दुकान पर कार सवार मिले। उन्होंने 40 हजार रुपये में नकल कराने को कहा था। 20 हजार रुपये तत्काल देने थे और शेष 20 हजार परीक्षा के बाद। कार सवारों के बारे में वह कुछ और जानकारी नहीं दे सका।
टीडी कॉलेज के कक्ष संख्या 34 से पकड़ा गया राजू यादव चप्पल के नीचे डिवाइस छिपाकर लाया था। परीक्षा के दौरान बीप की आवाज होने पर कक्ष निरीक्षक ने उसकी तलाशी ली तब उसके चप्पल से डिवाइस बरामद हुआ। हियरिंग डिवाइस को कान के अंदर इस तरह लगाया गया था कि उसे बाहर निकालना मुश्किल था। उसने बताया कि उससे पांच लाख रुपये में नकल की डील हुई थी। इसमें आधी रकम एडवांस देनी पड़ी थी। उसने पटेल नाम के एक व्यक्ति का नाम भी बताया।
ठंड लगने की बात कह ओढ़ लिया दुपट्टा
प्रसाद इंस्टीट्यूट में पकड़ी गई महिला अभ्यर्थी ने डिवाइस कपड़े के अंदर छुपा रखा था। कक्ष निरीक्षकों के मुताबिक परीक्षा के दौरान वह वाश रूम जाने की बात कहकर निकली। कुछ देर बाद लौटी तो कक्ष निरीक्षक को बताया कि उसे ठंड लग रही है। उसने कक्ष में चल रहे पंखे को बंद करने की बात कह दुपट्टा सिर पर बांध लिया। इसी के बाद बीप की आवाज आने पर कक्ष निरीक्षक को शक हुआ। चेकिंग के दौरान महिला के कान से हियरिंग डिवाइस बरामद हुई। डिवाइस जिस कार्ड से संचालित था वह दुपट्टे में लगा था।